सैनिक स्कूल घोड़ाखाल ने अनुशासन व राष्ट्रभक्ति की मिसाल कायम की – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

“यह विद्यालय केवल शिक्षा नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण की सर्वोत्तम पाठशाला है” – सीएम

देहरादून ,
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में विद्यालय की ऐतिहासिक उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान दशकों से राष्ट्र को अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत युवा प्रदान कर रहा है।

सीएम धामी ने कहा कि सैनिक स्कूल घोड़ाखाल केवल किताबी शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, सैन्य मूल्यों, नेतृत्व, साहस और अनुशासन की सर्वोत्तम पाठशाला है। उन्होंने कहा कि यहां अध्ययनरत कैडेट्स अनजाने में ही वो गुण सीख लेते हैं, जिन्हें समझ पाना विद्यालय छोड़ने के बाद संभव होता है—“यही बात यहां से निकले कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने भी कही है।”


एनडीए में सर्वाधिक चयन और रक्षा मंत्री ट्रॉफी—ऐतिहासिक उपलब्धि

मुख्यमंत्री ने बताया कि—

  • सैनिक स्कूल घोड़ाखाल ने एनडीए में सर्वाधिक चयन देकर एक नया रिकॉर्ड बनाया है।

  • साथ ही स्कूल ने लगातार 10वीं बार रक्षा मंत्री ट्रॉफी अपने नाम की है।

सीएम ने इसे कैडेट्स, शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन की मेहनत, अनुशासन और संकल्प का परिणाम बताया और सभी को बधाई दी।


“घोड़ाखाल की मिट्टी में है अलग जज्बा” – सीएम धामी

मुख्यमंत्री ने कहा कि घोड़ाखाल की मिट्टी में ऐसा जज्बा है जो यहां के विद्यार्थियों को अन्य से अलग पहचान देता है। यही जज्बा उन्हें भविष्य में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में श्रेष्ठ अधिकारी बनकर देश की सेवा करने के लिए तैयार करता है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि ही नहीं, वीरभूमि भी है—यहां की माटी में जन्मे अनगिनत वीरों ने राष्ट्र रक्षा में अपना सर्वस्व न्यौछावर किया है और आज भी बड़ी संख्या में उत्तराखंड के सैनिक सीमाओं पर तैनात हैं।


कैडेट्स को जीवन मंत्र – “संकल्प विकल्प रहित होना चाहिए”

अभिभावक की भूमिका में छात्रों को प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा—

  • जीवन में लिया गया हर संकल्प विकल्प रहित होना चाहिए।

  • जब लक्ष्य के आगे न कोई ‘किंतु’ हो और न ‘परंतु’, तब सफलता निश्चित होती है।


सम्मान समारोह

कार्यक्रम के दौरान बेस्ट जूनियर हाउस, बेस्ट सीनियर हाउस, सी. हाउस सहित विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को सम्मानित किया गया।

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