देहरादून,
उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने आज डोईवाला स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंघ सभा में गुरु नानक देव जी के ज्योति-जोत दिवस के पावन अवसर पर मत्था टेककर देश-प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली के लिए मन, वचन और कर्म से अरदास की।
🕊️ गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं मानवता के लिए पथ प्रदर्शक
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु नानक देव जी ने मानवता को करुणा, न्याय और समानता का मार्ग दिखाया।
उन्होंने कहा —
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गुरु नानक जी का मूल मंत्र ‘इक ओंकार सत नाम’ हमें जीवन में पवित्रता और ईमानदारी के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
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उनकी शिक्षाएं ‘नाम जपो, कीरत करो’ का संदेश देती हैं, जो सत्य और निष्ठा से जीवन यापन का मार्ग दिखाती हैं।
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गुरु नानक जी की वाणी समाज में एकता, भाईचारा और प्रेम को बढ़ावा देती है।
राज्यपाल ने कहा कि गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जो हमें बुराई से दूर रहकर मानव सेवा और आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में प्रेरित करती हैं। उन्होंने सभी से इन शिक्षाओं को अपने जीवन का पथ प्रदर्शक बनाने की अपील की।
🙏 श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या रही मौजूद
इस अवसर पर गुरुद्वारा परिसर में सिख समुदाय के लोगों और श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मौजूद रही। सभी ने श्रद्धा और भक्ति भाव से गुरु नानक देव जी के ज्योति-जोत दिवस पर मत्था टेका और अरदास में सहभागी बने।