देहरादून,
जिलाधिकारी सविन बंसल ने शुक्रवार को ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय कोरवा (कालसी) व त्यूनी-चकराता के निरीक्षण के बाद दिए गए निर्देशों के अनुपालन और जिले में चल रहे ‘प्रोजेक्ट उत्कर्ष’ की प्रगति की समीक्षा बैठक की।
डीएम ने मुख्य शिक्षा अधिकारी और सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुराने और जर्जर भवनों को निष्प्रयोज्य घोषित करने में लापरवाही पर नाराजगी जताई और तुरंत कार्रवाई करने को कहा।
केजीबीवी कोरवा में नई सुविधाएं
बैठक में बताया गया कि विद्यालय में अब तक डिजिटल बोर्ड, 100 कुर्सी-टेबल, 16 सीसीटीवी कैमरे, 30 रूम हीटर, 4 वाटर प्यूरीफायर, रोटीमेकर, इंटरनेट कनेक्शन, 19 डाइनिंग टेबल, 150 कुर्सियां उपलब्ध करा दी गई हैं। साथ ही कंप्यूटर ऑपरेटर और सफाई कर्मी भी नियुक्त किए गए हैं।
जल्द ही विद्यालय को वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, इन्वर्टर, 10 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे, ट्रैकसूट, जूते और सेनेट्री मशीनें भी मिलेंगी। वहीं 150 कुर्सियां, 50 डबल डेकर बेड और 7 गीजर ओएनजीसी उपलब्ध करा रही है।
छात्रावास में खेल मैदान का समतलीकरण, चाहरदीवारी पर कोबरा फेंसिंग, प्रवेश द्वार की मरम्मत और पेयजल सुविधा के लिए भी कार्यवाही चल रही है। साथ ही वॉटर हार्वेस्टिंग के निर्देश भी दिए गए।
‘प्रोजेक्ट उत्कर्ष’ के तहत अब तक उपलब्धियां
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46 विद्यालयों में विद्युत संयोजन
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1248 में वाइटबोर्ड, 348 में पानी की टंकी, 754 में मंकी नेट
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246 में झूले, 337 में बेबी स्लाइड, 46 में वॉलीबॉल कोर्ट, 109 में बैडमिंटन कोर्ट
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93 में वॉल पेंटिंग और सौंदर्यीकरण
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39 प्राथमिक व 45 माध्यमिक विद्यालय फर्नीचरयुक्त
साथ ही, प्रत्येक कक्षा में एलईडी स्क्रीन लगाने की प्रक्रिया भी जारी है।
CSR के जरिए बड़ा योगदान
प्रोजेक्ट उत्कर्ष के अंतर्गत 215 राजकीय विद्यालयों में CSR (DMF, HUDCO, ONGC) से 6801 फर्नीचर उपलब्ध कराए गए हैं।
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केवल DMF से 360 सेट फर्नीचर की आपूर्ति कर 39 विद्यालयों के 1080 छात्र लाभान्वित हुए।
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कालसी ब्लॉक को 97 सेट और विकासनगर को 390 सेट फर्नीचर दिए गए हैं।
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45 विद्यालयों को विभागीय स्तर पर 1239 फर्नीचर उपलब्ध कराए गए।
पुस्तकालयों पर भी विशेष ध्यान
डीएम ने निर्देश दिया कि स्कूल पुस्तकालयों में दैनिक समाचार पत्र, सामान्य ज्ञान की पुस्तकें, कॉमिक्स, मैगजीन, महापुरुषों की जीवनियां और प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें अनिवार्य रूप से रखी जाएं। इससे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ देश-दुनिया और प्रेरणादायक व्यक्तित्वों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
जिलाधिकारी ने जोर दिया कि स्कूलों में प्रकाश, पानी, शौचालय, भोजन और सुरक्षा की मूलभूत सुविधाएं हर हाल में सुनिश्चित हों।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सीईओ विनोद कुमार ढौंडियाल, जिला शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे।