गैरसैंण ,
उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र एक बार फिर विपक्ष-सरकार के टकराव और हंगामे की भेंट चढ़ गया। 22 अगस्त तक चलने वाला यह सत्र महज़ डेढ़ दिन (2 घंटे 40 मिनट) में निपटा दिया गया।
मुख्य बिंदु:
-
विपक्ष ने आपदा और कानून-व्यवस्था पर नियम 310 के तहत चर्चा की मांग की, लेकिन स्पीकर ऋतु खंडूड़ी ने अनुमति नहीं दी।
-
विरोध में कांग्रेस विधायक रातभर मंडप में डटे रहे, लेकिन सरकार टस से मस नहीं हुई।
-
हंगामे के बीच सत्ता पक्ष ने ₹5,315 करोड़ का अनुपूरक बजट और 9 विधेयक ध्वनिमत से पारित करा लिए।
-
न चर्चा, न प्रश्नकाल — लेकिन अनुपूरक बजट में कुम्भ-2027, जोशीमठ आपदा राहत, पंतनगर एयरपोर्ट, ऋषिकेश-हरिद्वार पर्यटन विकास और रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड जैसे बड़े प्रावधान शामिल।
पारित प्रमुख विधेयक:
-
उत्तराखंड विनियोग (अनुपूरक) विधेयक, 2025
-
अंटी-रूपांतरण (धर्म स्वतंत्रता संशोधन) विधेयक, 2025
-
समान नागरिक संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025
-
अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक, 2025
-
लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक, 2025
सहित कुल 9 विधेयक।
विपक्ष ने इसे “तानाशाही रवैया” कहा, वहीं सोशल मीडिया पर भाजपा-कांग्रेस के बीच “मैच फिक्स” जैसे आरोप भी गूंजने लगे।
25 सालों में जहां प्रदेश का बजट 25 गुना बढ़ चुका है और विधायकों की सुविधाएं लगातार बढ़ी हैं, वहीं सदन में चर्चा और बहस का समय लगातार घटता जा रहा है।