प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में दर्शन होंगे अब और सुगम: मुख्यमंत्री धामी ने दिए समुचित व्यवस्थाओं के निर्देश

श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण, भीड़ प्रबंधन और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सरकार गंभीर

देहरादून, 28 जुलाई।
प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और सुगम दर्शन अनुभव दिलाने को लेकर उत्तराखंड सरकार ने गंभीर पहल शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार के मनसा देवी-चंडी देवी, टनकपुर के पूर्णागिरि धाम, नैनीताल का कैंची धाम, अल्मोड़ा का जागेश्वर मंदिर और पौड़ी का नीलकंठ महादेव मंदिर सहित सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर व्यवस्थाएं सुदृढ़ की जाएं।

श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर परिसरों में भीड़ प्रबंधन, श्रद्धालुओं का अनिवार्य पंजीकरण, पैदल मार्गों और सीढ़ियों का चौड़ीकरण, अतिक्रमण हटाने, शौचालय, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, प्राथमिक चिकित्सा, और प्रवेश/निकास के सुव्यवस्थित मार्ग जैसे सभी मूलभूत ढांचे सुनिश्चित किए जाएं।

मंदिर परिसरों का सुनियोजित विकास

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से मनसा देवी मंदिर परिसर के सुव्यवस्थित विकास, धारणा क्षमता में वृद्धि और दुकानों के प्रबंधन की आवश्यकता पर बल देते हुए निर्देश दिए कि दर्शन की प्रक्रिया चरणबद्ध और नियंत्रित संख्या में की जाए ताकि किसी को असुविधा न हो और भीड़ नियंत्रण बना रहे।

स्थायी समिति का गठन

मुख्यमंत्री धामी ने निर्देश दिए कि कुमाऊं और गढ़वाल मंडलों के आयुक्तों की अध्यक्षता में एक-एक समिति का गठन किया जाए। इस समिति में

  • संबंधित जिलों के जिलाधिकारी,

  • वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक,

  • विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष,

  • और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
    ये समितियां मंदिरों की व्यवस्थाओं की निगरानी और समन्वय करेंगी।

बैठक में रहे वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित

इस अहम बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, एस.एन. पांडेय, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमन, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते और अपर सचिव बंशीधर तिवारी भी उपस्थित रहे।

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