श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में स्टेज-3 एडवांस कोलन कैंसर की जटिल सर्जरी सफल

एक ही ऑपरेशन में आंत, मूत्राशय, अंडाशय और बच्चेदानी से कैंसर ग्रसित हिस्से हटाए गए, मरीज को मिला नया जीवन

देहरादून ,
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने एक बार फिर चिकित्सा जगत में मिसाल पेश की है। यहां के वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. अजीत तिवारी और उनकी टीम ने स्टेज-3 एडवांस कोलन कैंसर से पीड़ित महिला की जटिल और चुनौतीपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। यह ऑपरेशन न केवल तकनीकी दृष्टि से कठिन था, बल्कि अन्य बड़े संस्थानों द्वारा इसे असंभव माना जा चुका था।

🔬 एक ही सर्जरी में कई अंगों से कैंसर ग्रस्त हिस्से हटाए

करीब 8 घंटे लंबी इस सर्जरी में महिला के कोलन, अंडाशय, बच्चेदानी, मूत्राशय और पेट की दीवार से कैंसर ग्रसित भागों को हटाया गया। इस ऑपरेशन को डॉ. अजीत तिवारी के नेतृत्व में डॉ. निशीथ गोविल और डॉ. कनिका कपूर की टीम ने अंजाम दिया।

अस्पताल के चेयरमैन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने सर्जरी टीम को बधाई देते हुए कहा,
“हम भविष्य में भी कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज हेतु उन्नत तकनीक व सेवा के साथ समर्पित रहेंगे।”


🏥 जब बाकी अस्पतालों ने मानी हार

महिला मरीज ने बताया कि उन्हें डेढ़ वर्ष पूर्व कैंसर का पता चला था। इलाज के लिए उन्होंने PGI चंडीगढ़ और हिमालयन अस्पताल, जॉलीग्रांट में कुल 18 कीमोथैरेपी सत्र लिए, लेकिन वहां के विशेषज्ञों ने सर्जरी को असंभव बताया।

इसके बाद श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल द्वारा आयोजित कैंसर जागरूकता शिविर में उनकी मुलाकात डॉ. अजीत तिवारी से हुई, जिन्होंने गंभीरता से केस की जांच की और सर्जरी की संभावनाएं तलाशी।


💸 आयुष्मान भारत योजना से आर्थिक राहत

मरीज का पूरा इलाज आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निःशुल्क किया गया। निजी अस्पतालों में इसी इलाज पर अनुमानतः 13 से 14 लाख रुपये तक का खर्च आता।


🔬 कैंसर तेजी से बढ़ रहा है, जागरूकता जरूरी

डॉ. अजीत तिवारी के अनुसार,

“अब कोलन कैंसर के मामले भारत में 8–12% तक देखने को मिल रहे हैं और चिंता की बात यह है कि यह रोग 50 वर्ष से कम उम्र के लोगों में भी बढ़ रहा है।”

कारण:

  • अनियमित खानपान

  • जीवनशैली में बदलाव

  • देर से निदान


🌟 एक नई उम्मीद की किरण

यह सर्जरी न केवल चिकित्सा विज्ञान की दृष्टि से एक उल्लेखनीय सफलता है, बल्कि उन मरीजों के लिए नई उम्मीद भी है जो कैंसर की एडवांस स्टेज से जूझ रहे हैं। यह उदाहरण दिखाता है कि सही समय पर लिया गया निर्णय, विशेषज्ञ डॉक्टर और समर्पित संस्थान मिलकर असंभव को संभव बना सकते हैं।

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