देहरादून,
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देहरादून की खोती हुई हरियाली और सांस्कृतिक पहचान को फिर से संवारने की दिशा में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने हरित और सांस्कृतिक संरक्षण अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान ‘सुंदर दून – स्वच्छ दून – हरित दून’ के विजन के साथ न केवल पर्यावरणीय पुनर्जीवन का प्रयास है, बल्कि शहर की आत्मा को फिर से जीवित करने का भी संकल्प है।
🌿 हरे स्वरूप की वापसी के लिए ठोस कदम
एमडीडीए के उपाध्यक्ष श्री बंशीधर तिवारी ने जानकारी दी कि प्राधिकरण द्वारा देहरादून शहर में कई नए सार्वजनिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें स्थानीय प्रजातियों के छायादार, फलदार और औषधीय वृक्षों का रोपण किया जा रहा है।
मुख्य स्थल:
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सहस्त्रधारा रोड
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जौलीग्रांट मुख्य मार्ग
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शिमला बायपास रोड
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हरिद्वार बायपास रोड
इन क्षेत्रों में सड़क किनारे और डिवाइडरों पर सुव्यवस्थित वृक्षारोपण किया जा रहा है, जो न केवल हरियाली बढ़ाएगा, बल्कि वायु प्रदूषण, तापमान वृद्धि और ध्वनि प्रदूषण में भी कमी लाएगा।
🤝 जनभागीदारी से बनेगा हरित दून
एमडीडीए इस पहल को एक जन आंदोलन बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
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सामाजिक संस्थाएं, विद्यालय, महाविद्यालय और आम नागरिकों को जोड़ा जा रहा है।
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अब तक हजारों पौधे वितरित किए जा चुके हैं।
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वर्ष 2025 में 60,000 से 70,000 पौधों के रोपण और वितरण का लक्ष्य रखा गया है।
उपाध्यक्ष तिवारी ने कहा, “यह केवल आंकड़ा नहीं, एक सांस्कृतिक जिम्मेदारी है जिसे समाज की हर पीढ़ी को निभाना होगा।”
🏛 सांस्कृतिक और पर्यावरणीय विरासत की रक्षा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अभियान की सराहना करते हुए कहा:
“देहरादून केवल एक शहर नहीं, हमारी संस्कृति और पर्यावरणीय विरासत है। एमडीडीए की यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, सुंदर और टिकाऊ उत्तराखंड की नींव रखेगी। मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि इस अभियान का हिस्सा बनें।”
🌱 हरित दून: एक आंदोलन
एमडीडीए की योजना इस वृक्षारोपण अभियान को एक स्थायी परंपरा में बदलने की है।
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सभी नागरिकों से “एक पौधा लगाएं, एक जीवन बचाएं” की भावना से भागीदारी का आह्वान किया गया है।
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एमडीडीए का उद्देश्य है कि यह कार्य सिर्फ पर्यावरण संरक्षण तक सीमित न रहे, बल्कि एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण बनकर उभरे।