देहरादून,
राजकीय मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्यों में लगातार हो रही देरी और लागत में बढ़ोतरी को लेकर चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने गहरी नाराजगी जताई है। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने विभागीय अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को जमकर फटकार लगाई और निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के स्पष्ट निर्देश दिए।
🔍 मुख्य बिंदु:
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निर्माण कार्यों की लागत में अप्रत्याशित वृद्धि पर मंत्री ने जताई नाराजगी।
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कार्यदायी संस्थाओं की डीपीआर प्रक्रिया में लापरवाही और बार-बार पुनर्गणना को बताया अनुचित।
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निर्देश: “भवन निर्माण के मानकों के अनुसार डीपीआर तैयार करें और अनुबंध के अनुरूप समय पर कार्य पूरा करें।”
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मेडिकल कॉलेजों के जो भवन व छात्रावास तैयार हैं, उन्हें तुरंत हैंडओवर किया जाए।
🏗 अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज को लेकर बड़ी घोषणा:
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200 नाली अतिरिक्त भूमि क्रय की जाएगी, ताकि कॉलेज परिसर का विस्तार हो सके।
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कॉलेज को चिकित्सालय से जोड़ने के लिए वैकल्पिक मार्ग विकसित किया जाएगा।
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सचिव स्वास्थ्य को डीएम अल्मोड़ा के साथ वर्चुअल बैठक कर जल्द समाधान निकालने के निर्देश।
🧑⚕️ बैठक में शामिल प्रमुख अधिकारी:
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डॉ. आर. राजेश कुमार – सचिव, चिकित्सा शिक्षा
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रणवीर सिंह चौहान – प्रबंध निदेशक, जल निगम
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डॉ. आशुतोष सयाना – निदेशक, चिकित्सा शिक्षा
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डॉ. गीता जैन – प्राचार्य, दून मेडिकल कॉलेज
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डॉ. सी.पी. भैसोड़ा – प्राचार्य, अल्मोड़ा
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डॉ. ए.के. आर्य – प्राचार्य, पिथौरागढ़
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डॉ. रंगील सिंह रैना – प्राचार्य, हरिद्वार
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डॉ. के.एस. शाही – प्राचार्य, रुद्रपुर
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जसविंदर कौर – उप सचिव
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डॉ. आर.एस. बिष्ट – अपर निदेशक, चिकित्सा शिक्षा
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ब्रिज एंड रूफ और पेयजल निर्माण निगम के अधिकारी भी रहे उपस्थित
👉 मंत्री डॉ. रावत का यह सख्त रुख सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है—राज्य में मेडिकल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्ता आधारित बनाना।
