अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर भराड़ीसैंण में सांस्कृतिक वैभव और वैश्विक उपस्थिति, सीएम धामी ने विदेशी मेहमानों का किया सम्मान

भराड़ीसैंण (गैरसैंण), 
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर एक भव्य सांस्कृतिक और वैश्विक समारोह का साक्षी बना।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर मेक्सिको, फिजी, नेपाल, सूरीनाम, मंगोलिया, लातविया, श्रीलंका और रूस से आए राजनयिकों और प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने सभी विदेशी मेहमानों को उत्तराखंडी टोपी और प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और देवभूमि की ओर से हार्दिक अभिनंदन प्रकट किया। उन्होंने कहा कि यह अवसर भारत की योग परंपरा को वैश्विक मंच पर और अधिक सशक्त करने का साक्षात प्रतीक है।


योग और आयुष में उत्तराखंड की भूमिका पर मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुष और वेलनेस सेक्टर को नई दिशा और पहचान मिली है।
उन्होंने कहा,

“उत्तराखंड को योग की वैश्विक राजधानी के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि:

  • उत्तराखंड का हिमालयी वातावरण, शुद्ध वायु, स्वच्छ जल और आध्यात्मिकता से परिपूर्ण परिवेश योग और ध्यान के लिए उपयुक्त है।

  • यह राज्य प्राकृतिक औषधीय संसाधनों से भरपूर है, जहाँ से देश-विदेश के लिए कुटकी, जटामांसी और तिमूर जैसी दुर्लभ औषधियाँ भेजी जाती हैं।

  • राज्य में प्रमुख आयुर्वेदिक कंपनियों द्वारा निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिससे आयुष क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियाँ भी बढ़ रही हैं।


सांस्कृतिक कार्यक्रमों में झलकी उत्तराखंड की विविधता

कार्यक्रम की शुरुआत नंदा देवी राजजात की भव्य झांकी से हुई, जिसके बाद मंच पर झोड़ा-छपेली, नाटी, और जौनसारी नृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियों ने विदेशी मेहमानों सहित सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

ये प्रस्तुतियाँ गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी संस्कृति की जीवंत झलक थीं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्तराखंड की सांस्कृतिक समृद्धि को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।


मुख्य बातें संक्षेप में:

  • मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों का उत्तराखंडी परंपरा से किया स्वागत

  • योग और आयुष में उत्तराखंड को वैश्विक हब बनाने की दिशा में कार्य

  • दुर्लभ औषधीय पौधों से समृद्ध राज्य की वैश्विक बाजारों में भूमिका

  • सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति का अद्भुत प्रदर्शन

“योग हमारी आत्मा का विज्ञान है और उत्तराखंड इसकी जन्मस्थली। दुनिया अब भारत की ओर योग और वेलनेस के लिए देख रही है।” – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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