योग को जनआंदोलन बनाने की दिशा में उत्तराखंड सरकार का बड़ा कदम
देहरादून ,
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार सुबह देहरादून के गांधी पार्क से एमकेपी कॉलेज तक आयोजित ‘रन फॉर योगा’ कार्यक्रम में भाग लेकर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) की तैयारियों को नई दिशा और ऊर्जा दी। उनके साथ सैकड़ों युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और योग साधकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
🧘♂️ योग: भारत की सभ्यता का विश्व को उपहार
कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे मुख्यमंत्री धामी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा:
“योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, भारत की प्राचीन जीवनशैली और संस्कृति का अमूल्य वरदान है। इसे जन-जन तक पहुंचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।”
उन्होंने ऋषि-मुनियों द्वारा विकसित योग विद्या को शरीर, आत्मा और मन की एकरूपता का साधन बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर योग के माध्यम से आकर्षित हो रही है क्योंकि यह स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मकता का समग्र मार्ग है।
🌍 भारत की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच
सीएम धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र में पेश किए गए प्रस्ताव को याद किया, जिसके बाद 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में स्वीकार किया गया।
“यह भारत की सांस्कृतिक पहचान और गौरव को मिला वैश्विक मंच है,” – सीएम धामी
🏞️ उत्तराखंड: योग और वेलनेस टूरिज्म का केंद्र
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड को योग और वेलनेस टूरिज्म का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं:
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नई योग नीति लागू की गई है।
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योग केंद्रों की स्थापना पर ₹20 लाख तक की सब्सिडी।
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पहले से संचालित केंद्रों को भी प्रोत्साहन।
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योग, ध्यान और प्राकृतिक चिकित्सा में शोध हेतु ₹10 लाख तक का अनुदान।
🕉️ जन-जन तक योग, जन-जन में अनुशासन
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड की शांत वादियां, प्राकृतिक वातावरण और अध्यात्मिक विरासत योग के लिए सर्वोत्तम वातावरण प्रदान करती हैं।
“हमें योग को जनआंदोलन बनाना है – स्कूलों, कार्यालयों, गांवों और शहरों में योग को जीवनशैली में शामिल करना है।”
🙏 जन अपील
मुख्यमंत्री ने अंत में सभी नागरिकों से अपील की:
“योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और एक अनुशासित, सकारात्मक और स्वस्थ जीवन अपनाएं।”