देहरादून ,
उत्तराखंड सरकार ने राज्य को Measles-Rubella (MR) मुक्त बनाने के लिए युद्धस्तर पर अभियान शुरू करने की घोषणा की है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), उत्तराखंड के सभागार में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसकी अध्यक्षता स्वाति एस. भदौरिया, मिशन निदेशक, एनएचएम उत्तराखंड ने की।
बैठक में वर्ष 2026 तक राज्य को खसरा और रूबेला मुक्त बनाने की तैयारियों की गहन समीक्षा की गई। मिशन निदेशक ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड सरकार इस लक्ष्य को समयबद्ध रूप से प्राप्त करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
🔹 बैठक के प्रमुख बिंदु:
- VPD सर्विलांस के माध्यम से खसरा और रूबेला के मामलों की सक्रिय पहचान, पुष्टि और रिपोर्टिंग पर जोर।
- आपातकालीन प्रकोप प्रतिक्रिया प्रणाली को अधिक सशक्त और प्रभावी बनाने के निर्देश।
- UWIN पोर्टल से टीकाकरण की डिजिटल निगरानी और विश्लेषण की व्यवस्था।
- जन-जागरूकता अभियानों के ज़रिये समुदायों में टीकाकरण के प्रति सकारात्मक मानसिकता विकसित करना।
📌 खसरा-रूबेला क्यों हैं खतरनाक?
स्वाति एस. भदौरिया ने बताया कि खसरा और रूबेला तीव्र संक्रामक बीमारियाँ हैं, जो बच्चों में निमोनिया, मस्तिष्क ज्वर, अंधत्व जैसे गंभीर रोग उत्पन्न कर सकती हैं। गर्भवती महिलाओं में यह गर्भपात या जन्म दोष का कारण बनती हैं।
इसलिए, 95% या उससे अधिक टीकाकरण कवरेज का लक्ष्य रखा गया है जिससे हर्ड इम्युनिटी विकसित हो सके।
📅 जुलाई से शुरू होगा विशेष टीकाकरण सप्ताह अभियान
मिशन निदेशक ने घोषणा की कि जुलाई 2025 से अगले तीन महीनों तक, राज्य भर में विशेष MR टीकाकरण सप्ताह आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों की निगरानी UWIN पोर्टल के माध्यम से की जाएगी और यदि किसी सत्र में रुकावट आती है, तो उसके कारणों की जवाबदेही तय की जाएगी।
📣 जन-जागरूकता और स्थानीय निगरानी को बढ़ावा
बैठक में सीएमओ और जिला प्रतिरक्षण अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे अपने क्षेत्रों में
- सत्रों की नियमित समीक्षा करें
- लोगों को जागरूक करें
- बच्चों को समय पर टीका लगवाना सुनिश्चित करें
🧾 बैठक में शामिल प्रमुख अधिकारी:
- डॉ. मनु जैन (निदेशक, एनएचएम)
- डॉ. कुलदीप मार्तोलिया (राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी)
- शैलेन्द्र सिंह चौहान (उप निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा)
- डॉ. हंस वैस (IAP अध्यक्ष)
- डॉ. सौरभ सिंह (IDSP)
- डॉ. फरीद जफ्फर (अर्बन हेल्थ प्रोग्राम)
- WHO, UNDP के प्रतिनिधि
- राज्यभर के सभी सीएमओ व डीआईओ (वर्चुअल माध्यम से)
