देहरादून ,
राज्य के कर्मचारियों और पेंशनर्स को गोल्डन कार्ड योजना के तहत इलाज में आ रही समस्याओं का जल्द समाधान होगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित संगठनों से सुझाव लेकर एक ठोस प्रस्ताव तैयार कर उसे कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा।
🔍 प्रमुख बिंदु:
🔸 गोल्डन कार्ड में सुधार की पहल
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उपचार में आ रही शिकायतों को देखते हुए पैकेज में संशोधन किया जाएगा।
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योजना से बाहर हो चुके पेंशनर्स और कर्मचारी दोबारा शामिल किए जाएंगे।
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राज्य के बड़े सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों को योजना में इम्पैनल करने की तैयारी।
🔸 आयुष्मान योजना में व्यापक कवरेज का प्रयास
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शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए प्रयास तेज़।
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राशन कार्ड की अनिवार्यता खत्म कर अब परिवार रजिस्टर की नकल को भी वैध दस्तावेज माना जाएगा।
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इसका प्रस्ताव अगली कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा।
📌 मंत्री का स्पष्ट संदेश:
“हमारा उद्देश्य यह है कि राज्य का हर नागरिक और कर्मचारी को स्वास्थ्य सुविधाओं से कोई वंचित न रहे। हर समस्या का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।” — डॉ. धन सिंह रावत
📋 पृष्ठभूमि:
राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स द्वारा गोल्डन कार्ड के तहत इलाज में लगातार पैकेज की सीमाएं, अस्पष्टता और अस्पतालों की सीमित भागीदारी को लेकर शिकायतें की जाती रही हैं। कई मामलों में जरूरी इलाज योजना के तहत शामिल नहीं होने के कारण मरीजों को निजी खर्च उठाना पड़ा।
🧩 आगे की राह:
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स्वास्थ्य विभाग जल्द ही कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक करेगा।
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बैठक के सुझावों के आधार पर कैबिनेट में अंतिम प्रस्ताव पेश किया जाएगा।
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उम्मीद की जा रही है कि जुलाई 2025 के भीतर नई व्यवस्था लागू हो सकती है।