देहरादून,
आज 4 जून 2025 को दून अस्पताल परिसर में कटे हुए वृक्षों को बचाने और पुनर्जीवित करने की अनोखी पहल देखने को मिली। अस्पताल प्रशासन द्वारा उन पेड़ों की जड़ों के चारों ओर से सीमेंट हटाया गया, ताकि जल आपूर्ति सही तरीके से हो सके और वे पुनः जीवन पा सकें।
🌳 पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सार्थक प्रयास
यह पहल ऐसे समय में आई है जब कुछ दिन पूर्व सिटीज़न्स फॉर ग्रीन दून सहित कई संगठनों ने दून अस्पताल प्रशासन को पेड़ न काटने का ज्ञापन सौंपा था। इसके बावजूद कुछ पेड़ काटे गए, जिसके विरोध और सुधार के क्रम में आज यह पुनर्जीवन प्रयास सामने आया।
🧑🤝🧑 इन पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने निभाई अग्रणी भूमिका:
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हिमांशु अरोड़ा, दीपक नीमराना, विशाल गुप्ता (सिटीजंस फॉर ग्रीन दून)
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श्री उमेश्वर सिंह रावत (सड़क सुरक्षा समिति)
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श्री रोशन राणा, संजीव गुप्ता, बालकिशन शर्मा, विनय प्रजापति, राहुल माटा, विक्रम चौधरी (महाकाल सेवा समिति)
🧵 वृक्ष रक्षा सूत्र और संकल्प
सभी उपस्थित पर्यावरण प्रेमियों ने कटे हुए वृक्षों पर रक्षा सूत्र बांधा और उनकी रक्षा का संकल्प लिया। यह प्रतीकात्मक लेकिन भावनात्मक पहल मानव और प्रकृति के रिश्ते को मजबूत करने का एक सुंदर उदाहरण है।
🗣️ हिमांशु अरोड़ा ने कहा:
“यह सिर्फ एक पेड़ नहीं, एक जीव है। हमें इसके पुनर्जीवन में मदद करनी है, और आज का यह प्रयास उसी दिशा में पहला कदम है।”
दून अस्पताल परिसर में पेड़ों की सुरक्षा और पुनर्जीवन की यह पहल पर्यावरण संरक्षण के लिए जन-जागरूकता और नागरिक सहभागिता का बेहतरीन उदाहरण बन रही है। उम्मीद की जानी चाहिए कि यह मुहिम अन्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।