हरिद्वार,
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को ‘वात्सल्य गंगा आश्रय’ का भव्य लोकार्पण किया और श्रीकृष्ण कथा में भाग लेकर साधु-संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्होंने मां गंगा की आराधना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
साध्वी ऋतम्भरा के सेवा कार्यों की सराहना
मुख्यमंत्री ने साध्वी ऋतम्भरा द्वारा संचालित सेवा प्रकल्पों की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा:
“निराश्रित बेटियों को नवजीवन देने का जो दिव्य कार्य ऋतम्भरा जी के नेतृत्व में चल रहा है, वह समाज के लिए आशा और पुनर्निर्माण का सशक्त प्रतीक है।”
उन्होंने कहा कि यह सेवा कार्य वास्तव में समाजसेवा की प्रेरणादायक मिसाल है, जिससे अनेक बेटियों का जीवन सकारात्मक दिशा में बदला है।
उत्तराखंड: समान नागरिक संहिता की गंगोत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देवभूमि में विकास और सांस्कृतिक पुनरुत्थान का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है।
उन्होंने समान नागरिक संहिता को लेकर कहा:
“जैसे गंगा उत्तराखंड से निकलकर पूरे देश को जल देती है, वैसे ही समान नागरिक संहिता की गंगोत्री भी यहीं से निकली है।”
विकास कार्यों का ब्योरा:
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चारधाम यात्रा में अब तक 18 लाख श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन
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दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड का कार्य लगभग पूरा
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केदारनाथ का पुनर्निर्माण, गंगा कॉरिडोर और शारदा कोरिडोर पर तेजी से काम जारी
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सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी विकृत मानसिकताओं के खिलाफ सरकार कठोर कार्रवाई कर रही है, ताकि उत्तराखंड की धार्मिक पहचान और मूल स्वरूप सुरक्षित रहे।
रेखा गुप्ता बोलीं: दिल्ली के लिए प्रेरणा हैं धामी
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम में भाग लेते हुए कहा:
“मुख्यमंत्री धामी का कार्य उत्तराखंड को गौरव दिला रहा है। उनके सफल प्रयोग दिल्ली में भी अपनाए जाएंगे।”
उन्होंने मां गंगा के चरणों में यह संकल्प दोहराया कि मां यमुना को स्वच्छ रखने के लिए वह हरसंभव प्रयास करेंगी।
उपस्थित गणमान्य:
कार्यक्रम में साध्वी ऋतम्भरा, परमानन्द गिरी, आचार्य बालकृष्ण, महन्त रविन्द्रपुरी, महामंडलेश्वर विशोखानंद, महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद, महामंडलेश्वर संतोषी माता, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, मेयर किरण जेसल, डीएम कर्मेन्द्र सिंह, एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल, सहित अनेक संत, अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
