देहरादून ,
उत्तराखंड सरकार ने आम जनता की सुविधा के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब प्रदेश में भूमि और भवन की रजिस्ट्री के लिए तहसील या पंजीकरण कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी। सरकार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से “ऑनलाइन रजिस्ट्री” की सुविधा को मंजूरी दे दी है, जिससे लोग अब घर बैठे ही संपत्ति की खरीद-बिक्री प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
📌 ‘उत्तराखंड ऑनलाइन दस्तावेज़ रजिस्ट्रीकरण नियमावली 2025’ को मिली कैबिनेट की मंजूरी
राज्य मंत्रिमंडल ने स्टांप एवं निबंधन विभाग की महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी दे दी है। नई नियमावली के तहत:
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सभी पक्षों की पहचान आधार प्रमाणीकरण और वीडियो केवाईसी के माध्यम से की जाएगी।
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रजिस्ट्री प्रक्रिया वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होगी।
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पूरी प्रक्रिया के बाद एक डिजिटल दस्तावेज तैयार कर ई-मेल के माध्यम से दोनों पक्षों को भेजा जाएगा।
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दस्तावेज डिजिटल होने के कारण सुरक्षित, पारदर्शी और शीघ्र उपलब्ध रहेंगे।
⚖️ स्थानीय अधिवक्ताओं और वेंडरों के हितों का भी रखा गया ध्यान
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था से पारंपरिक प्रक्रिया से जुड़े लोगों का हित भी सुरक्षित रहेगा:
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स्थानीय डीड राइटर, स्टांप विक्रेता, अधिवक्ता और पिटीशन राइटर की भूमिका बनी रहेगी।
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उत्तराखंड बार काउंसिल से जुड़े अधिवक्ताओं को रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं होगी।
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अन्य पेशेवरों को विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा।
✅ मुख्य लाभ:
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समय और धन की बचत
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तहसीलों में भीड़ और दलालों की भूमिका में कमी
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व्यवस्था में पारदर्शिता और डिजिटल सुरक्षा
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बुजुर्ग, दिव्यांग और दूरदराज़ क्षेत्रों के नागरिकों के लिए विशेष राहत
🗣️ सरकार की मंशा:
सरकार का मानना है कि यह नवाचार डिजिटल उत्तराखंड की ओर एक और मजबूत कदम है। इससे आम नागरिकों को सहूलियत मिलने के साथ-साथ संपत्ति रजिस्ट्रेशन प्रणाली में भ्रष्टाचार और जटिलता को समाप्त करने में मदद मिलेगी। यह पहल डिजिटल इंडिया के विज़न को धरातल पर उतारनवाली है और उत्तराखंड को तकनीकी रूप से अग्रणी राज्यों की सूची में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।