उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन

देहरादून ,

उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन किया जा रहा है जो प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है खास तौर पर उन परिस्थितियों में जब राष्ट्रीय खेल करने की कतार में उत्तराखंड से कहीं अधिक संपन्न राज्य खड़े नजर आ रहे थे। राष्ट्रीय खेलों की शुरुआत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उपस्थित रहे और उन्होंने खिलाड़ियों को खेल और पौष्टिक आहार के फायदे भी गिनाए। खेलों की दृष्टि से देखें तो उत्तराखंड के लिए यह आयोजन मिल का पत्थर साबित हो सकता है। एक बड़ा बजट इन खेलों के लिए राज्य सरकार ने रखा है जिससे न केवल खेल के मैदाने की दशा सुधरे की बल्कि खिलाड़ियों को भी नए ऑप्शन चयन करने में आसानी होगी। उत्तराखंड अपने 25 में गठन वर्ष में प्रवेश कर चुका है लेकिन अभी भी खेलों की नजरिया से देखें तो उत्तराखंड में स्थिति कोई बहुत अधिक संतोषजनक नहीं है। इन राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के प्रदर्शन पर भी सभी की नजर रहेगी क्योंकि एक मेजबान राज्य होने के नाते उपलब्धियां मायने रखती हैं। उत्तराखंड में अभी भी ऐसे उन्नत और सुदृढ़ हा विकसित स्टेडियम नहीं है जहां अधिक से अधिक खिलाड़ी नियमित अभ्यास कर सके। गिनती के कुछ स्टेडियम स्तरीय बनाने की कोशिश की गई है लेकिन उनकी स्थिति भी कोई बहुत अच्छी नहीं है। राष्ट्रीय खेलों के कारण इन स्टेडियमों के साथ-साथ कुछ खेल मैदाने को भी दुरुस्त किया गया है जिसका लाभ खिलाड़ियों को अवश्य मिलेगा। देखना यह होगा की राष्ट्रीय खेलों के संपन्न होने के बाद क्या यह खेल मैदान इसी स्वरूप में रहेंगे या फिर रखरखाव के अभाव में उनकी स्थिति बिगड़ती चली जाएगी। राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से उत्तराखंड के खिलाड़ियों को भी एक नया प्लेटफार्म हासिल होगा तथा नए प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी विभिन्न स्पर्धाओं से प्रेरणा लेकर खेलों को अपने भविष्य के रूप में चुन्नी का साहस जुटा पाएंगे। ऐसा तभी संभव है जब उत्तराखंड सरकार खेलों की ओर विशेष ध्यान दें और प्रत्येक जनपद वह ब्लॉक स्तर पर ऐसे खेल मैदान विकसित किए जाएं जहां खिलाड़ियों को अच्छे संसाधन और सुविधाएं हर समय उपलब्ध हो। राष्ट्रीय खेलों का आयोजन उत्तराखंड के लिए एक बड़ी उपलब्धि है उम्मीद की जानी चाहिए की उत्तराखंड इन खेलों में अधिक से अधिक मेडल जीतकर अपनी एक अलग छाप छोड़ेगा।

38 वें राष्ट्रीय खेल-एक नजर

आयोजन अवधि
-28 जनवरी 2025 से लेकर 14 फरवरी 2025 तक आयोजित होंगी खेल गतिविधियां

खेल स्पर्धाएं
-कुल 35 खेल स्पर्धाएं होनी हैं। इसमें से 33 मेडल टेली गेम, दो डेमो गेम।

नए खेल
-योग व मलखंब को इस बार मेडल टेली गेम बतौर शामिल किया गया है।

प्रतिभागिता
-पूरे देश से लगभग दस हजार खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा दिखाएंगे।

पहाड़ से मैदान तक
-आठ जिलों में गतिविधियां, दून-हरिद्वार से खटीमा-टिहरी तक आयोजन

हरित पहल
-ग्रीन गेम थीम है। पदकों से लेकर तमाम कार्यक्रमों में हरित पहल की छाप।

प्रतीक-पहचान
-राज्य पक्षी मोनाल मौली के रूप में शुभंकर। मशाल का तेजस्विनी नाम।

ध्येय वाक्य
-खेलों की टैगलाइन संकल्प से शिखर तक है, जिसका जिक्र एंथेम में भी है।

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