भावना पाण्डेय का टिकट काट कर मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में उतारा
हरिद्वार ,
बसपा ने हरिद्वार लोकसभा सीट पर घोषित प्रत्याशी भावना पाण्डेय का टिकट काट कर अपना प्रत्याशी मौलाना जमील अहमद कासमी को घोषित किया है। जिसकी बसपा ने विधिावत घोषणा कर दी है। बसपा में एकाएक बदले घटनाक्रम को लेकर हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र समेत राजनैतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। सवाल उठता है कि कल तक बसपा की ओर से घोषित प्रत्याशी भावना पाण्डेय ने बसपा से इस्तीफा देकर खुद को किनारा किया या फिर बसपा ने ही उनका टिकट काट दिया। दोनों ओर से मीडियां को कोई सही जानकारी नहीं दी गयी है। भावना पाण्डेय ने अपनी दलील देकर खुद लोकसभा चुनाव लड़ने से इंकार करते हुए भाजपा प्रत्याशी त्रिवेन्द्र सिंह रावत के लिए प्रचार करने की बात कही है। वहीं बसपा ने भी अपने नया प्रत्याशी का चयन कर मंगलवार को उसकी विधिवत घोषणा कर दी। बताया जा रहा है कि बसपा द्वारा जिनको अपना प्रत्याशी बनाया है वह मुजफ्फरनगर की मीरापुर विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं। बसपा ने हरिद्वार लोकसभा सीट से मौलाना जमील अहमद कासमी को अपना मुस्लिम प्रत्याशी घोषित कर देने से हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र के मुस्लिम समुदाय के लोगों को अपने पाले में खिचने की कौशिश मानी जा रही है। लेकिन बसपा का यह प्रयास कितना सार्थक होता हैं यह तो आने वाला समय ही बतायेगा। हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र के मुस्लिम वोटो को अपनी ओर खिचना इतना आसान नहीं होगा। जितना बसपा समझ रही है। हरिद्वार लोकसभा सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर खानपुर विधायक उमेश शर्मा भी चुनावी मैदान में हैं, जोकि पिछले लम्बे समय से लोकसभा सीट के लिए अपनी तैयारी कर रहे है। जिन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में काफी मेहनत की हैं जिसका नतीजा भी साफ देखा जा रहा है। वहीं भाजपा प्रत्याशी त्रिवेन्द्र सिंह रावत को जिताने के लिए अपने चुनाव प्रचार में जुटी है। कांग्रेस पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बेटे विजेन्द्र सिंह रावत पर अपना दाव लगाया है। कांग्रेस नेताओं व कार्यककर्ताओं में कांग्रेसी प्रत्याशी विजेन्द्र सिंह रावत को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का दावा हैं कि पार्टी में सब एक हैं कोई नाराज नहीं है। कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी विजेन्द्र सिंह रावत को जीत दिलाने के लिए एक मत है।