एक पक्षीय कार्यवाही के आरोप और प्रदर्शन के बाद ज्वालापुर कोतवाल को हटाया – uttarakhandawaaz.in

एक पक्षीय कार्यवाही के आरोप और प्रदर्शन के बाद ज्वालापुर कोतवाल को हटाया

सिटी मजिस्टेªट ने अस्पताल से दी आरोपियों को जमानत, दूसरे पक्ष पर मुकदमा
विधायक व भाजपाईयों ने मांगे माने जाने के बाद रात किया अस्पताल से धरना समाप्त
हरिद्वार ,

आखिर भाजपा विधायक व भाजपाईयों के दबाव में पुलिस प्रशासन ने शुक्रवार की रात को ज्वालापुर कोतवाल को हटा दिया। वहीं सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से भी अस्पताल से ही चारों आरोपियों को जमानत दे दी गयी। वहीं पुलिस ने दूसरे पक्ष के लोगों पर भी मुकदमा दर्ज कर लिया। विधायक और भाजपाईयों की मांगे पूरी होने पर उन्होंने जिला अस्पताल से अपना धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। सत्तारूढ़ दल के विधायक व भाजपाईयों की ओर से रात तक चले धारना प्रदर्शन समाप्त हो जाने के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सास ली है। कोतवाली ज्वालापुर और जिला अस्पताल में चले घंटो घटनाक्रम की पूरी रिपोर्ट चुनाव आयोग को पुलिस प्रशासन द्वारा प्रेषित की जाने की बात सामने आ रही है। बता दे कि कोतवाली ज्वालापुर पुलिस पर एक पक्षीय कार्यवाही का आरोप लगाते हुए रानीपुर भाजपा विधायक ने कोतवाली और जिला अस्पताल में हंगामा करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ धारना व प्रदर्शन किया। सत्तारूढ़ दल के विधायक व जिलाधयक्ष के आरोपों व धरना-प्रदर्शन ने पुलिस महकमे में हड़कम्प मचा दिया। बताया जा रहा है कि रानीपुर भाजपा विधायक द्वारा गिरफ्तार किय गये आरोपियों को छोड़ देने का दबाव डाला गया। लेकिन पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ शांतिभंग में कार्यवाही कर देने की जानकारी देने के बाद भी विधायक अपनी मांग पर अड़े रहे। बताया जा रहा हैकि विधायक ने स्पष्ट कर दिया कि या तो हिरासत में लिए गये लोगों को छोड़ दो, वरना उनके खिलाफ भी उन्हीें धाराओं में कार्यवाही की जाए। भाजपा विधायक के अपने समर्थकों के जिला अस्पताल परिसर में धरने पर बैठने की जानकारी मिलते ही भाजपा जिलाधयक्ष समेत भारी संख्या में भाजपाई भी मौके पर पहुंच गये और पुलिस प्रशासन के खिलाफ धारना देकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने विधाायक समेत भाजपाईयों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन वह अपनी मांग पर अड़े रहे। प्राप्त जानकारी के अनुसार कोतवाली ज्वालापुर क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह बाइक सवार तनवीर पुत्र इरफान निवासी पीठ बाजार किसी कार्य से घर से बाहर जा रहा था। इसी दौरान पीठ बाजार में राजेश हलवाई की दुकान के पास पहुंचा, तो हलवाई का सामान सड़क पर रखा हुआ था। बाइक सवार तनवीर ने हलवाई से सामान दुकान के अंदर रख लेने की बात कही, इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। आरोप हैं कि हलवाई के कर्मचारियों ने बाइक सवार युवक की पीटाई कर दी। मामला अलग-अलग समुदाय का होने से जुड़ा होने के चलते सूचना मिलते ही पुलिस में हड़कम्प मच गया। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और मारपीट करने वाले चार आरोपियों महेश, वशं, दिनेश और संजय ऊर्फ संजू को पकड़कर पुलिस कोतवाली ले आई। पुलिस ने मारपीट के आरोपियों के खिलाफ शांतिभंग में चालान की कार्यवाही कर दी। इस मामले की जानकारी मिलते ही रानीपुर भाजपा विधायक आदेश चैहान को अपने समर्थकों के साथ कोतवाली ज्वालापुर पहुंचे। विधायक आदेश चैहान ने पुलिस पर एक पक्षीय कार्यवाही करने का आरोप लगाते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए गिरफ्तार किये गये चारों आरोपियों को छोड़ देने का दबाब डाला गया। बताया जा रहा हैं कि पुलिस अधिाकारियों ने विधायक को जानकारी दी कि आरोपियों के खिलाफ शांतिभंग में चालान कर दिया गया है। जिस पर विधायक आदेश चैहान नाराज हो गये और सीधे-सीधे पुलिस को स्पष्ट कर दिया कि या तो चारों को छोड़ो या फिर उनके खिलाफ भी शांतिभंग में चालान कर दो। पुलिस की कार्यशैली से गुस्साए विधायक अपने समर्थकों के साथ कोतवाली परिसर में धरने पर बैठ गये। सत्तारूढ दल के विधायक के कोतवाली परिसर में धारने पर बैठने से पुलिस महकमे में हड़कम्प मच गया। बताया जा रहा है कि सूचना पर सीओ ज्वालापुर शांतनु पाराशर, कोतवाली प्रभारी रमेश तनवार ने काफी मानने का प्रयास किया। लेकिन वह अपनी जिंद पर अडे रहे। बताया जा रहा है कि जब पुलिस द्वारा शांतिभंग में चालान किये गये चारों आरोपियों को नगर मजिस्टेªट के समक्ष पेश करने से पूर्व मेडिकल के लिए जिला अस्पताल लेकर जाने लगी। तभी विधायक भी आरोपियों के आटो में सवार हो गये और जिला अस्पताल पहुंच गये। मामले की जानकारी मिलते ही भाजपा जिलाध्यक्ष संदीप गोयल समेत भारी संख्या में भाजपाई जिला अस्पताल पहुंचे और जिला अस्पताल परिसर में पुलिस प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। विधायक आदेश चैहान ने कोतवाली ज्वालापुर पुलिस पर एक पक्षीय कार्यवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। जिला अस्पताल में भाजपाईयों के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही अस्पताल में भी अफरा-तफरी मच गयी। बताया जा रहा है कि विधायक आदेश चैहान और जिलाध्यक्ष ने ज्वालापुर कोतवाल को हटाने, दूसरे पक्ष के खिलाफ कार्यवाही करने और गिरफ्तार किये गये लोगों को छोड़ने की मांग की गयी थी। बताया जा रहा हैं कि एसपी सिटी, सीओ सिटी समेत अन्य अधिकारी जिला अस्पताल परिसर में धारने पर बैठे विधाायक समेत भाजपाईयों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन कामयाब नहीं हो सके। बताया जा रहा है कि एक प्रतिनिधिमण्डल एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल से मिला। जिसके बाद भाजपा विधायक आदेश चैहान की मांगों को मान लिया गया। एसएसपी ने ज्वालापुर कोतवाल को हटाते हुए दूसरे पक्ष के खिलाफ भी कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। वहीं नगर मजिस्ट्रेट ने गिरफ्तार किये गये चारों आरोपियों को अस्पताल से ही जमानत पर छोड़ दिया गया। जिसके बाद भाजपा विधायक समेत भाजपाईयों ने जिला अस्पताल से अपना धरना समाप्त कर दिया। कोतवाली ज्वालापुर और जिला अस्पताल में चले घटनाक्रम की रिपोर्ट पुलिस प्रशासन की ओर से चुनाव आयोग को प्रेषित किये जाने की बात सामने आ रही है।

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