देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान से साझेदारी का इंजीनियरिंग छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ, वैज्ञानिक और शिक्षाविद जल्द करेंगे संवाद
देहरादून ,
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) और देश के प्रतिष्ठित तकनीकी एवं शोध संस्थान आईआईटी दिल्ली के बीच गुरुवार को नई दिल्ली में महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अकादमिक साझेदारी से एसजीआरआरयू के इंजीनियरिंग छात्र-छात्राओं और शोधार्थियों को उच्च स्तरीय शोध, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीकी विकास से जुड़ने के नए अवसर मिलेंगे।
एमओयू के तहत दोनों संस्थान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), आधुनिक कृषि तकनीक, हेल्थ साइंसेज, नवाचार और अत्याधुनिक अनुसंधान के क्षेत्रों में मिलकर कार्य करेंगे। इसके साथ ही फैकल्टी एक्सचेंज, छात्र-छात्राओं एवं शोधार्थियों के अकादमिक एक्सचेंज, तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान तथा संयुक्त शोध परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
आईआईटी दिल्ली के वैज्ञानिक और शिक्षाविद निकट भविष्य में एसजीआरआरयू के इंजीनियरिंग छात्र-छात्राओं के साथ संवाद करेंगे। इससे विद्यार्थियों को देश-दुनिया में हो रहे नवीनतम शोध और तकनीकी विकास की जानकारी मिलने के साथ ही व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का अवसर मिलेगा।
गुरुवार को नई दिल्ली स्थित आईआईटी दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में एसजीआरआरयू की ओर से कुलसचिव डॉ. लोकेश गंभीर तथा आईआईटी दिल्ली की ओर से प्रो. (डॉ.) अश्विनी के. अग्रवाल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
डॉ. लोकेश गंभीर ने कहा कि यह एमओयू एसजीआरआरयू में रिसर्च, इनोवेशन और इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि आईआईटी दिल्ली की विशेषज्ञता और एसजीआरआरयू की विभिन्न विषयों में अकादमिक एवं शोध क्षमताओं के बीच सहयोग से विद्यार्थियों को नई तकनीकों को समझने, शोध कौशल विकसित करने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अपनी दक्षताओं को निखारने का अवसर मिलेगा।
एमओयू के माध्यम से दोनों संस्थान आधुनिक एवं उभरते क्षेत्रों में संयुक्त शोध को प्रोत्साहित करेंगे। विशेष रूप से एआई, आधुनिक कृषि तकनीक, हेल्थ साइंसेज और अन्य समकालीन विषयों में शोध एवं नवाचार की संभावनाओं पर मिलकर काम किया जाएगा।
आईआईटी दिल्ली जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ इस साझेदारी को लेकर एसजीआरआर विश्वविद्यालय में भी उत्साह का माहौल रहा। विश्वविद्यालय में मिठाई बांटकर खुशी मनाई गई। विश्वविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि यह साझेदारी विद्यार्थियों और शोधार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञता, शोध संसाधनों और अकादमिक अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस अवसर पर डॉ. लोकेश गंभीर, डॉ. पंकज कुमार गर्ग, डॉ. सोनिया गंभीर और डॉ. अशोक भंडारी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।