देहरादून ,
मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में दून पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त मां-बेटे की जोड़ी को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लगभग 17 लाख रुपये मूल्य की 56.56 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की है।
जोगीवाला चौक के पास हुई गिरफ्तारी
थाना नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर 3 जून 2026 को जोगीवाला चौक के पास कार्रवाई करते हुए दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 56.56 ग्राम अवैध स्मैक तथा स्मैक बेचकर अर्जित किए गए 7,120 रुपये नकद बरामद किए गए।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना नेहरू कॉलोनी में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 8/21/27ए/29 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
शिक्षण संस्थानों के छात्रों को बेचने की थी तैयारी
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार आरोपी मां और बेटा हैं। मुख्य आरोपी अर्श स्वयं भी नशे का आदी है और उसने यह स्मैक एक स्थानीय ड्रग पेडलर से खरीदी थी।
प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी अपनी मां के साथ मिलकर इस स्मैक को शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं तथा नशे के आदी स्थानीय लोगों को बेचकर मोटा मुनाफा कमाने की योजना बना रहा था। हालांकि पुलिस ने समय रहते दोनों को गिरफ्तार कर उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—
- अर्श उर्फ छररा (22 वर्ष), पुत्र सरताज, निवासी जोगीवाला चौक के निकट, नेहरू कॉलोनी, देहरादून।
- आसमा (50 वर्ष), पत्नी सरताज, निवासी जोगीवाला चौक के निकट, नेहरू कॉलोनी, देहरादून।
पुलिस कर रही सप्लाई नेटवर्क की जांच
पुलिस अब उस स्थानीय ड्रग सप्लायर की तलाश कर रही है जिससे आरोपी ने स्मैक खरीदी थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि नशा तस्करी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
