देहरादून ,
देहरादून कलेक्ट्रेट परिसर में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में आयोजित जनता दरबार में आम लोगों की समस्याएं सुनी गईं। इस दौरान भूमि विवाद, अवैध कब्जा, अतिक्रमण, मारपीट, भरण-पोषण, आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी कुल 167 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। बाकी मामलों पर संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई में कई गंभीर सामाजिक मामले भी सामने आए। फतेहपुर के 80 वर्षीय बीर सिंह ने अपने बेटे और बहू पर मारपीट और उत्पीड़न का आरोप लगाया। वहीं इंद्रा कॉलोनी के 68 वर्षीय अशोक कुमार धवन ने अपने पुत्र पर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई। दोनों मामलों में अधिकारियों को वरिष्ठ नागरिक अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इसी क्रम में हरेकृष्णा विहार की 62 वर्षीय शकुंतला कौर ने अपने पुत्र और बहू द्वारा प्रताड़ना और घर से निकालने के प्रयास की शिकायत की, जिस पर एसडीएम को भरण-पोषण अधिनियम के तहत कार्रवाई करने को कहा गया।
आर्थिक सहायता से जुड़े मामलों में कांवली रोड की अमरजीत कौर और छात्र आर्यन रमोला ने फीस माफी की मांग रखी, जबकि डालनवाला की विनिता ने अपने बेटे के निजी स्कूल में प्रवेश के लिए सहायता मांगी। इन सभी प्रकरणों में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा मोबाइल टावर स्थापना, सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण और सड़क निर्माण में अनियमितताओं से संबंधित शिकायतों पर भी जांच के आदेश दिए गए। अधिकारियों को सभी मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जनता दरबार में अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, एसडीएम स्मृता परमार, अपूर्वा सिंह, कुमकुम जोशी, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार और मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढौडियाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।