देहरादून ,
टिहरी के गढ़वाल विश्वविद्यालय चौरास परिसर में आयोजित सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0 के समापन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। यह आयोजन भारतीय सेना और उत्तराखंड पर्यटन के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।
🔹 113 किमी की चुनौतीपूर्ण ट्रेक-मैराथन
इस एडवेंचर इवेंट में:
- भारतीय सेना के 100 जवान
- देशभर से लगभग 200 ट्रैकर्स
ने भाग लिया
प्रतिभागियों ने केदार-बद्री ट्रेल पर हेलंग → कलगोट → मंडल → उखीमठ तक 113 किलोमीटर की कठिन यात्रा पूरी की। इस दौरान साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन देखने को मिला।
🔹 आध्यात्मिक और ऐतिहासिक मार्ग से जुड़ाव
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह ट्रेल बद्रीनाथ धाम, केदारनाथ धाम और पंच केदार से जुड़े पारंपरिक मार्गों को जोड़ता है, जिससे पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत दोनों को बढ़ावा मिलता है।
🔹 युवाओं के लिए प्रेरणा
धामी ने कहा कि ऐसे आयोजन:
- युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति बढ़ाते हैं
- सीमांत क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसर पैदा करते हैं
- साहसिक पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने में मदद करते हैं
🔹 एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा
राज्य सरकार उत्तराखंड में एडवेंचर गतिविधियों को तेजी से बढ़ा रही है, जैसे:
- राफ्टिंग (ऋषिकेश)
- स्कीइंग (औली)
- ट्रेकिंग (मुनस्यारी)
- टिहरी झील में वाटर स्पोर्ट्स
🔹 सीमांत क्षेत्रों के विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम और सीमांत क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क के विस्तार को पर्यटन और आर्थिक विकास के लिए अहम बताया।
👉 यह आयोजन न केवल एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देता है, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।