देहरादून ,
उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए नई मानक प्रचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है। इस बार यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है, जो आधार प्रमाणीकरण से जुड़ा होगा।
🔹 पंजीकरण और टोकन व्यवस्था
यात्रियों को ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप या ऑफलाइन काउंटर के माध्यम से पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण के बाद उन्हें एक मैसेज मिलेगा जिसमें क्यूआर कोड और यूनिक आईडी होगी।
- धाम में प्रवेश के समय इस क्यूआर कोड को स्कैन किया जाएगा
- केवल निर्धारित तिथि पर ही प्रवेश मिलेगा
- दस्तावेज सत्यापन के बाद ही दर्शन के लिए टोकन जारी होगा
भौतिक सत्यापन के लिए बड़कोट, हिना, सोनप्रयाग, पांडुकेश्वर और गोविंदघाट में व्यवस्था की गई है।
🔹 स्वास्थ्य और यात्रा से जुड़े निर्देश
सरकार ने यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है:
- यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच कराएं
- कम ऑक्सीजन, ठंड और कम वायुदाब के लिए तैयार रहें
- कम से कम 7 दिन का यात्रा प्लान बनाएं
- गर्म कपड़े, रेनकोट और जरूरी दवाएं साथ रखें
- केवल अधिकृत परिवहन सेवाओं का उपयोग करें
🔹 मौसम और सुरक्षा अलर्ट
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने यात्रियों से “सचेत” मोबाइल ऐप डाउनलोड करने की अपील की है। इसके जरिए मौसम और आपदा से जुड़े रियल-टाइम अलर्ट मिलेंगे।
🔹 हेल्पलाइन और सहायता
- साइबर अपराध हेल्पलाइन: 1930
- यात्रा कंट्रोल रूम: 0135-2559898
- टोल फ्री नंबर: 1364
सरकार का उद्देश्य इस बार यात्रा को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो।