उत्तराखंड में विभागों का बंटवारा: सीएम धामी ने अहम मंत्रालय अपने पास रखे – uttarakhandawaaz.in

उत्तराखंड में विभागों का बंटवारा: सीएम धामी ने अहम मंत्रालय अपने पास रखे

देहरादून ,

मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने विभागों का बहुप्रतीक्षित बंटवारा कर दिया है। इस नए आवंटन में मुख्यमंत्री ने कई अहम और संवेदनशील विभाग अपने पास रखते हुए प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत बनाए रखा है।

अब तक 35 से अधिक विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे मुख्यमंत्री ने कुछ विभाग सहयोगी मंत्रियों को सौंपे हैं, जबकि शासन की मुख्य धुरी माने जाने वाले विभाग खुद अपने पास रखे हैं।


🔴 मुख्यमंत्री के पास प्रमुख विभाग

मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के पास अब ये महत्वपूर्ण विभाग रहेंगे:

  • गृह, कार्मिक एवं सतर्कता
  • वित्त, नियोजन एवं राजस्व
  • सूचना एवं जनसंपर्क
  • ऊर्जा, औद्योगिक विकास (खनन सहित)
  • आबकारी, न्याय, नागरिक उड्डयन
  • आवास

👉 जिन विभागों का आवंटन किसी मंत्री को नहीं किया गया, वे सीधे मुख्यमंत्री के अधीन रहेंगे।


🟢 मंत्रियों को सौंपे गए विभाग

▪️ Satpal Maharaj

PWD, ग्रामीण निर्माण, पर्यटन, सिंचाई, संस्कृति, धर्मस्व

▪️ Ganesh Joshi

कृषि, उद्यान, खाद्य प्रसंस्करण, रेशम विकास, सैनिक कल्याण

▪️ Dhan Singh Rawat

विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, सहकारिता

▪️ Subodh Uniyal

वन, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, संसदीय कार्य

▪️ Rekha Arya

महिला एवं बाल विकास, खाद्य, खेल, युवा कल्याण

▪️ Saurabh Bahuguna

पशुपालन, दुग्ध, मत्स्य, गन्ना, कौशल विकास

▪️ Khajan Das

समाज कल्याण, अल्पसंख्यक, छात्र कल्याण

▪️ Bharat Singh Chaudhary

ग्रामीण विकास, MSME, खादी

▪️ Madan Kaushik

पंचायतीराज, आपदा प्रबंधन, आयुष

▪️ Pradeep Batra

परिवहन, IT, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

▪️ Ram Singh Kaida

शहरी विकास, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन


⚡ क्या हैं राजनीतिक और प्रशासनिक मायने?

  • मुख्यमंत्री द्वारा गृह, वित्त और कार्मिक जैसे विभाग अपने पास रखना मजबूत प्रशासनिक पकड़ का संकेत है।
  • शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन जैसे बड़े सेक्टर अलग-अलग मंत्रियों को देकर जवाबदेही तय की गई है।
  • यह बंटवारा संतुलन और बेहतर समन्वय की दिशा में कदम माना जा रहा है।

🧾 निष्कर्ष

यह विभागीय बंटवारा उत्तराखंड सरकार की कार्यशैली को अधिक संगठित, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। अब ध्यान इस बात पर रहेगा कि मंत्री अपने-अपने विभागों में किस तरह प्रदर्शन करते हैं और सरकार की योजनाओं को जमीन पर कितनी तेजी से उतारा जाता है।

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