CCTV फुटेज से मिली सुराग, दिल्ली-एनसीआर होते हुए पहुंचा वाहन राजस्थान; संयुक्त ऑपरेशन में मिली सफलता
देहरादून, 10 जुलाई।
थाना रायपुर क्षेत्र में हुई स्कॉर्पियो वाहन चोरी की घटना का देहरादून पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। राजस्थान के दौसा जिले से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर चोरी की स्कॉर्पियो बरामद कर ली गई है। यह सफलता थाना रायपुर व एसओजी की संयुक्त टीम और राजस्थान पुलिस की सक्रियता से संभव हो सकी।
🚨 घटना का विवरण:
दिनांक 08 जुलाई 2025 को श्रीमती रेणु बिष्ट निवासी सूर्या एंक्लेव, बालावाला द्वारा थाना रायपुर में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि मानचंद चौक के पास उनके घर के बाहर खड़ी स्कॉर्पियो (UK07-FV-4564) को अज्ञात चोर चुरा ले गए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर थानाध्यक्ष रायपुर के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया।
🎥 CCTV से मिला अहम सुराग:
पुलिस टीम ने मौके और आस-पास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में स्कॉर्पियो को देहरादून-दिल्ली हाईवे की ओर ले जाते देखा गया। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, राजस्थान और यूपी के सीमावर्ती क्षेत्रों में वाहन चोरी की सूचना प्रसारित की।
🛣️ राजस्थान में पकड़ में आए चोर:
इनपुट मिलने पर पुलिस टीम राजस्थान के लिए रवाना हुई। दिनांक 09 जुलाई 2025 को थाना मंडावर, जिला दौसा (राजस्थान) में चेकिंग के दौरान राजस्थान पुलिस ने चोरी की स्कॉर्पियो के साथ दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। देहरादून पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
👥 गिरफ्तार आरोपीगण:
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योगेश सिंह गुर्जर, पुत्र महेंद्र सिंह गुर्जर
निवासी ग्राम सहदपुर, थाना महुआ, जिला दौसा, राजस्थान (उम्र 22 वर्ष)-
आपराधिक इतिहास:
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थाना महवा में SC/ST एक्ट व मारपीट के दो मुकदमे दर्ज।
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रवि मीणा, पुत्र बेदी राम मीणा
निवासी जैतपुर, थाना मंडावर, जिला दौसा, राजस्थान (उम्र 32 वर्ष)-
आपराधिक इतिहास:
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बीएनएस व भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में दो मामले दर्ज।
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🚗 बरामद माल:
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एक वाहन स्कॉर्पियो (संख्या: UK07-FV-4564)
✅ पुलिस का आधिकारिक वक्तव्य:
“यह सफलता देहरादून पुलिस की तत्परता, तकनीकी निगरानी और अंतरराज्यीय समन्वय का परिणाम है। अपराधियों को जल्द उत्तराखंड लाकर न्यायिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।”
विश्लेषण:
यह कार्रवाई देहरादून पुलिस की फील्ड इंटेलिजेंस, टेक्निकल रिस्पॉन्स और नेटवर्किंग क्षमता का प्रमाण है। लगातार बढ़ते वाहन चोरी मामलों के बीच यह ऑपरेशन अपराधियों को कड़ा संदेश देता है।
