देहरादून,
उत्तराखंड की नौकरशाही में उस समय हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी डीपी सिंह के देहरादून स्थित आवास पर छापा मारा। कार्रवाई बुधवार सुबह तड़के शुरू हुई और कई घंटे तक चली।
सूत्रों के अनुसार, यह छापा एनएच-74 मुआवजा घोटाले से जुड़ी चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत डाला गया है, जिसमें डीपी सिंह पूर्व में आरोपी बनाए जा चुके हैं। उन्हें पहले भी इस मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
घोटाले की पृष्ठभूमि:
एनएच-74 (राष्ट्रीय राजमार्ग-74) भूमि अधिग्रहण में करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आया था। इसमें गलत तरीके से भूमि का वर्गीकरण बदलकर बाजार भाव से कई गुना अधिक मुआवजा बांटा गया था। ईडी ने इस घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका जताई थी।
ईडी की कार्रवाई:
ईडी की टीम ने सिंह के आवास की तलाशी के दौरान कई दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए हैं। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, अधिकारी के निजी लेन-देन और संपत्ति संबंधी कागजातों की भी जांच की जा रही है।
प्रशासन में खलबली:
पीसीएस अधिकारी पर कार्रवाई से राज्य के प्रशासनिक हलकों में चिंता की लहर दौड़ गई है। सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी अधिकारियों पर शिकंजा कस सकता है।
आगे की कार्रवाई:
ईडी फिलहाल जब्त दस्तावेजों की जांच कर रही है और जल्द ही डीपी सिंह को पूछताछ के लिए दोबारा तलब किया जा सकता है। यह छापा घोटाले में ईडी की जांच को एक नया मोड़ देने वाला माना जा रहा है।
