देहरादून ,
उत्तराखंड के लोकप्रिय धार्मिक स्थल कैंची धाम में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में तीर्थस्थल के बेहतर प्रबंधन के लिए तात्कालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक योजनाओं पर काम करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल मेले के सफल संचालन को प्राथमिकता दी जाए, लेकिन आने वाले वर्षों की जरूरतों को देखते हुए स्थायी समाधान भी तैयार किया जाए ताकि भविष्य में किसी भी अव्यवस्था या हादसे से बचा जा सके।
प्रमुख निर्देश:
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सेनेटोरियम से भवाली पेट्रोल पंप तक के मार्ग पर कटिंग कार्य को शीघ्रता से पूरा किया जाए, जिससे यातायात में किसी प्रकार की बाधा न आए।
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भविष्य में श्रद्धालुओं की संख्या नियंत्रित करने के लिए रजिस्ट्रेशन सिस्टम लागू किया जाए।
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मेले के लिए भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक प्लान पहले से तैयार कर लागू किया जाए।
तेजी से बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या:
नैनीताल की जिलाधिकारी वंदना सिंह ने बताया कि कैंची धाम में इस वर्ष अब तक 24 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में तीन गुना ज्यादा है। इस वर्ष मेले के दौरान 2.5 से 3 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जो स्थल की धारण क्षमता से कई गुना अधिक है।
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन को तकनीकी और रणनीतिक दृष्टिकोण से सशक्त किया जा रहा है। भविष्य में श्रद्धालु पंजीकरण और संख्या की अधिकतम सीमा तय करने का प्रस्ताव भी रखा गया है, जिससे यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाया जा सके।
कैंची धाम बाबा नीब करौरी महाराज का प्रसिद्ध आश्रम है, जहां हर साल 15 जून को विशाल मेला आयोजित होता है। यहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, जिनमें तकनीकी दिग्गजों से लेकर आम जन तक शामिल हैं।
