देहरादून ,
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से एक अभिनव पहल की घोषणा की है। इसके तहत अब मुख्यमंत्री जहां भी दौरे पर जाएंगे या रात्रि विश्राम करेंगे, उस स्थान पर अनिवार्य रूप से स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।
मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश भर के जिलाधिकारियों, नगर निकायों और ग्राम पंचायतों को निर्देश दिया है कि इस पहल को मिशन मोड में लागू किया जाए। उन्होंने आम नागरिकों, युवाओं और स्वयंसेवी संगठनों से भी आह्वान किया कि वे बढ़-चढ़कर इस अभियान में भाग लें।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के स्वच्छ भारत मिशन को गांव-गांव, गली-गली तक पहुंचाना हमारा संकल्प है। यह सिर्फ सफाई नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का आंदोलन है।”
प्रशासनिक चौकसी भी बढ़ेगी
मुख्यमंत्री ने यह भी चेताया कि वे राज्य के किसी भी तहसील दिवस में अचानक निरीक्षण के लिए पहुंच सकते हैं। इसका उद्देश्य न केवल जनसमस्याओं को मौके पर सुलझाना है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि प्रशासनिक व्यवस्था जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से काम कर रही हो।
क्या है इस पहल का प्रभाव?
-
मुख्यमंत्री की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में सफाई कार्यों को प्राथमिकता मिलेगी।
-
स्थानीय प्रशासनिक इकाइयों में उत्तरदायित्व की भावना बढ़ेगी।
-
आमजन में स्वच्छता को लेकर सामाजिक जागरूकता फैलेगी।
-
प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन को जन आंदोलन बनाने की दिशा में अहम कदम।
मुख्यमंत्री धामी की यह पहल सिर्फ एक प्रशासनिक निर्देश नहीं है, बल्कि यह स्वच्छता को सामाजिक संस्कार बनाने की दिशा में एक ठोस प्रयास है। अगर इसे गंभीरता से लागू किया गया, तो उत्तराखंड न केवल साफ-सुथरा राज्य बन सकता है, बल्कि यह पूरे देश के लिए एक मॉडल राज्य भी बन सकता है।
