देहरादून ,
दिनांक 12-03-2025 को थाना राजपुर क्षेत्रान्तर्गत उत्तरांचल हॉस्पिटल, निकट साई मन्दिर के पास सड़क पर एक चण्डीगढ नम्बर की मर्सिडीज कार चालक द्वारा वाहन को तेजी व खतरनाक ढंग से चलाते हुए पैदल जा रहे 04 व्यक्तियों व एक स्कूटी यू0के0 07-एई-5150 को टक्कर मार दी, जिसमें पैदल जा रहे 04 व्यक्तियो की मौके पर मृत्यू हो गयी तथा स्कूटी सवार 02 व्यक्ति घायल हो गये।
घटना के अनावरण हेतु अलग-अलग टीमें गठित की गई। घटना की प्रारम्भिक जांच में प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा घटना में मर्सिडीज या उससे मिलते जुलते वाहन के संलिप्त होने की जानाकरी दी गई। घटना के समय घटना स्थल के पास से ऐसे कुल 11 वाहनों के गुजरने की जानकारी प्राप्त हुई, जिनमें से एक वाहन संख्या: सीएच-01-सीएन-0665 रंग सिल्वर ग्रे के एक साइड से क्षतिग्रस्त होने की पुलिस टीम को फुटेज प्राप्त हुई। जिस पर संदिग्धता के आधार पर पुलिस टीम द्वारा उक्त वाहन के सम्बन्ध में जानकारी एकत्रित की गई तो उक्त वाहन हरबीर आटोमोबाइल्स एजेंसी, जिनके चण्डीगढ में महिन्द्रा के शोरूम हैं, उनके द्वारा रजिस्टर्ड कराया जाना पाया गया। जिस पर तत्काल रात्रि में ही एक टीम को चण्डीगढ रवाना किया गया।
वाहन स्वामी जतिन प्रसाद वर्मा उपरोक्त से पूछताछ में भी उनके द्वारा उक्त वाहन को दिनांक: 12-03-25 को उसके साले वंश द्वारा ले जाने की जानकारी दी गई। जिस पर पुलिस टीम द्वारा वंश के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करते हुए करते हुए वंश उपरोक्त को आईएसबीटी के पास से गिरफ्तार किया गया।
अभियुक्त से पूछताछ में उसके द्वारा बताया गया कि वह मूल रूप से मुरादाबाद का रहने वाला है तथा बी0बी0ए0 करने के बाद दिल्ली में जॉब करता था। दिल्ली से जॉब छूटने के बाद वह काम की तलाश में देहरादून आया था तथा वर्तमान में वाडिया इन्स्टीट्यूट के अपोजिट मोहित विहार में पी0जी0 पर रह रहा था। दिनाँक: 12-03-25 को वह अपने भांजे के साथ अपने जीजा की मर्सिडीज कार संख्या: सीएच-01-सीएन-0665 को लेकर राजपुर की ओर घूमने गया था। वापसी में जाखन की ओर वापस आते समय अचानक 02 स्कूटियों के कार के सामने आने पर अभियुक्त की कार उनमें से एक स्कूटी के पिछले हिस्से से टकरा गई तथा अनियंत्रित होकर सडक किनारे जा रहे 04 व्यक्तियों से जा टकराई। घटना के बाद उसके द्वारा उक्त कार को सहस्त्रधारा में एक खाली प्लाट पर खडा कर दिया तथा अपने एक परिचित मोहित से अपने भांजे को छोडने के लिये उसकी स्कूटी मांगी गई। भांजे को जाखन में छोडकर उसके द्वारा मोहित की स्कूटी उसे वापस कर दी।
