बसंत पंचमी के मौके पर गंगा स्नान करने के लिए हरकी पैड़ी पहुंचे श्रद्धालु
देहरादून ,
बसंत पंचमी पर्व को लेकर मान्यता है कि गंगा स्नान करने से नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है. साथ ही पीले वस्त्र धारण करने से मां सरस्वती और लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है. शास्त्रों में लिखा है कि आज के दिन जब कोई मनुष्य दान, यज्ञ और पूजा करता है, तो उसका कई हजार गुना उसे फल प्राप्त होता है.
बसंत पंचमी सनातन परंपरा का सबसे बड़ा पर्व माना गया है. इस दिन चंद्रमा मीन राशि के होते हैं.जब पंचक संख्यक नक्षत्र आता है, तब बसंत पंचमी का आयोजन इस सृष्टि में होता है. बसंत पंचमी पर गंगा स्नान का फल अश्वमेध यज्ञ के समान मिलता है. पुराणों में वर्णन किया गया है कि इस दिन जो व्यक्ति विद्यारम्भ संस्कार ग्रहण करता है. यानी अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देता है या ज्ञान के लिए उस दिन चयनित किया जाता है, तो वह बहुत ही शुभ माना जाता है
श्रद्धालुओं का कहना है कि बसंत पंचमी के पर्व पर गंगा स्नान करने से उनके जीवन के कष्ट दूर हो जाते हैं. साथ ही उनको मां सरस्वती और लक्ष्मी का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है. उन्होंने कहा कि गंगा स्नान करने से ही मोक्ष की प्राप्ति होती है.
