पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिस जवानों को दी श्रद्धांजलि – uttarakhandawaaz.in

पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिस जवानों को दी श्रद्धांजलि

पुलिस कार्मिकों के आवासीय भवनों के निर्माण हेतु आगामी वर्ष में रू0 100 करोड़ दिया जायेगा।

उत्तराखण्ड पुलिस विभाग में कार्यरत कार्मिकों के पौष्टिक आहार भत्ते में रू0 100/- की वृद्धि की जाएगी

उत्तराखण्ड पुलिस विभाग में कार्यरत निरीक्षक से सहायक उप निरीक्षक पदधारकों के वर्दी भत्ते की वर्तमान दर में रू0 3,500/- की वृद्धि की जाएगी

9,000 फिट से अधिक ऊँचाई पर तैनात पुलिस कर्मियों/एस0डी0आर0एफ0 कर्मियों को प्रदान की जा रही उच्च तुंगता भत्ते की वर्तमान दर में रू0 200/- प्रतिदिन के स्थान पर रू0 300/- प्रतिदिन किया जाएगा

देहरादून ,

आज पुलिस शहीद स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस लाईन देहरादून स्थित शहीद स्मारक स्थल पर श्रृद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रुप में सीएम पुष्कर सिंह धामी, पूर्व सीएम  भगत सिंह कोश्यारी, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं गणमान्य महानुभाव भी उपस्थित रहे और शहीद हुए पुलिस कर्मियों को याद कर उन्हें भावभीनी श्रृद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हमारी पुलिस ने अनेक चुनौतियों का सामना किया है। आतंकवाद, देश के विभिन्न क्षेत्रों में नक्सलवाद, प्राकृतिक आपदाओं, कानून व्यवस्थाओं से संबंधित जटिल परिस्थितियों में हमारी पुलिस ने अदम्य साहस और वरता का परिचय दिया है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड भौगोलिक एवं सामरिक महत्व के दृष्टिगत राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अत्यन्त संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण राज्य है। राज्य में शांति और सुरक्षा व्यवस्था को बनाये रखने में हमारे पुलिस की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि 2025 तक देवभूमि उत्तराखण्ड को ड्रग्स फ्री बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए उत्तराखण्ड पुलिस के अन्तर्गत एक त्रिस्तरीय एण्टी नारकोटिक फोर्स का गठन किया गया है।

इस वर्ष 1100 से ज्यादा नशे के सौदागरों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए लगभग 23 करोड़ रूपये के नारकोटिक पदार्थ भी बरामद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध एक बड़ा खतरा बन चुका है। हमारी पुलिस को इस दिशा में भी सजग रहना होगा और तकनीकि रूप से और अधिक दक्ष होना पड़ेगा। राज्य में महिलाओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के प्रत्येक थाने पर “महिला हैल्प डेस्क” के अन्तर्गत ‘क्यूआरटी’ का गठन किया गया है।

बच्चों एवं महिलाओं के प्रति हुए अपराधों में 95 प्रतिशत से अधिक मामलों का अनावरण कर 50 प्रतिशत से अधिक अभियुक्तों के विरूद्ध कार्यवाही की गयी है।

उन्होंने बताया कि  कहा कि पुलिस कर्मियों के आवासीय स्तर को सुधारने के लिए 150 करोड़ से अधिक की लागत से 380 आवासों का निर्माण किया जा चुका है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 42 करोड़ की लागत से 05 पुलिस थानों 02 पुलिस चौकियों, 02 फायर स्टेशनों और तीन पुलिस लाईनों के प्रशासनिक भवनों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।

पुलिस के रिस्पॉस टाइम को बेहतर करने के लिए 1105 पुलिस वाहनों की खरीद के लिए मंजूरी दी गई है। पुलिस सैलरी पैकेज के अन्तर्गत पुलिस कार्मिकों के लिए 75 लाख से 1 करोड़ तक का दुर्घटना बीमा कराया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत 15 करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि दिवंगत पुलिस कार्मिकों के परिजनों को प्रदान की जा चुकी है। आपदा एवं राहत के क्षेत्र में सरकार द्वारा एस0डी0आर0एफ0 की एक कम्पनी स्वीकृत करते हुए 162 पदों का सृजन किया गया।

06 थानों व 21 पुलिस चौकियों के क्रियान्वयन हेतु 327 पद स्वीकृत किये गये, पी0पी0एस0 के ढांचे में 11 नये पदों का सृजन किया गया। उप निरीक्षक स्तर के 222 पदों पर भर्ती निकाली गयी है तथा 2000 सिपाहियों की भर्ती की प्रक्रिया प्रचलित है। राज्य में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए उत्तराखण्ड खेल नीति के अन्तर्गत कुशल खिलाड़ी कोटे में भी पुलिस विभाग में भर्तियां की जायेंगी।

विगत एक वर्ष में भारत में राज्य पुलिस एवं केन्द्रीय सुरक्षा बलों के कुल 216 कर्मियों ने कर्तव्यपालन के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी है, जिनमें उत्तराखण्ड़ से 4 पुलिस कर्मी अपर उप निरीक्षक ना0पु0 कान्ता थापा, जनपद उत्तरकाशी, मुख्य आरक्षी 29 ना0पु0 गणेश कुमार, जनपद उत्तरकाशी,  आरक्षी 106 स0पु0 गणेश कुमार, जनपद ऊधमसिंहनगर, एवं आरक्षी 10 स0पु0 गोविन्द सिंह भण्डारी, जनपद ऊधमसिंहनगर भी शामिल हैं।

पुलिस की इन्ही जोखिमपूर्ण कार्य-परिस्थितियों के दृष्टिगत मुख्यमंत्री द्वारा राज्य सरकार द्वारा पुलिस कर्मियों एवं उनके परिवारों के हितार्थ समय-समय पर कई कल्याणकारी योजनाएं स्वीकृत की गयी हैं। पुलिस कार्मिकों की आवासीय व्यवस्था को बेहतर करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा अवमुक्त धनराशि से 380 आवासीय भवनों के निर्माण कराया जा रहा है।

जवानों के आवागमन को सुविधाजनक बनाये जाने हेतु राज्य गठन के बाद पहली बार 1105 वाहनों का नियतन निर्धारित करते हुए *29 करोड़ रूपये से 223 वाहन क्रय किये गये तथा 25 करोड़ रूपये से 127 वाहनों के क्रय की प्रक्रिया प्रचलित है।

डीजीपी अभिनव कुमार ने इस अवसर पर बताया कि पुलिस विभाग के कर्मचारियों के सम्मान, कार्य-कुशलता तथा दक्षता को बनाये रखने के लिए राज्य सरकार द्वारा पदोन्नति की समस्या पर विशेष ध्यान दिया गया और विभिन्न श्रेणी के 197 पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों ने पदोन्नति पायी है तथा विभिन्न श्रेणी के 524 पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया प्रचलित है।

पुलिस विभाग में कल्याणकारी योजनाओं के अन्तर्गत पुलिस कार्मिकों के मेधावी बच्चों को प्रोत्साहित किये जाने के लिए छात्रवृत्ति की योजना चलायी जा रही है, जिसमें इस वर्ष 377 पुलिस कर्मियों के मेधावी बच्चों को 28 लाख रूपये की छात्रवृत्ति स्वीकृत की गयी।

मृतक पुलिस कार्मिकों के परिवार के 38 सदस्यों को इस वर्ष मृतक आश्रित के अन्तर्गत सेवायोजन प्रदान किया जा चुका है तथा 55 मृतक पुलिस कर्मियों के आश्रितों को पुलिस शहीद कोष से 1-1 लाख रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गयी है।

पुलिस सैलरी पैकेज के तहत अब तक 15.80 करोड़ रूपये की धनराशि मृतक कार्मिकों के परिवारजन को अनुग्रह राशि के रूप में प्रदान की जा चुकी है।

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