देहरादून ,
एक जुलाई से देशभर में लागू होने वाले तीन नए आपराधिक कानूनों के लिए उत्तराखंड की तैयारी पूरी हो चुकी है। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आज गृह सचिव भारत सरकार की अध्यक्षता में सभी राज्यों के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में यह जानकारी दी कि 01 जुलाई से लागू होने वाले 3 नए आपराधिक कानूनों भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023, भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 हेतु उत्तराखंड राज्य ने पूरी तैयारी कर ली है। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि नये आपराधिक कानूनों के पास होने के बाद हमारे द्वारा सीडीटीआई और बीपीआरएण्डडी से समन्वय स्थापित कर पीटीसी/एटीसी तथा अन्य प्रशिक्षण केन्द्रों से 50 अधिकारियों को गाजियाबाद और जयपुर से मास्टर ट्रेनर का कोर्स कराया गया है । इसके अतिरिक्त 18 पी.ओः एस को भी मास्टर ट्रेनर के रूप में ट्रेनिंग हेतु रोप इन किया गया है। साथ ही उत्तराखंड पुलिस हस्तपुस्तिका तैयार की गई है, जिसके आधार पर सारे कोर्स का संचालन किया जा रहा है इसमें वृहद कानूनों को सरल तरीके से पढ़ने की विधि तैयार की गई है। जिसकी एक प्रति समस्त पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों को वितरित की जा रही है। (कुल 25000 हस्त पुस्तिका वितरित की जा रही है। आॅनलाइन प्रशिक्षण हेतु 3 माॅड्यूल तैयार किये जा रहे हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जानकारी दी कि अल्प अवधि को देखते हुए ट्रेनिंग को जिला स्तर पर डीसेन्ट्रलाइज किया गया है। सभी मास्टर ट्रेनर्स और अभियोजन अधिकारियों की ज्वाइंट टीम द्वारा आॅफलाइन मोड में सिविल पुलिस के विवेचना से सम्बंधित आॅफिसर्स (जी.ओएस, इन्सपे. एसआई, एएसआई, एचएम/एमएम) को ट्रेनिंग करवाई जा रही है। ऐसे कर्मचारी जिनका पुलिस विवेचना में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं होता है, उन्हें ऑनलाइन मोड में प्रशिक्षण दिया जाना है, जिसके लिए आॅनलाइन माॅड्यूल तैयार किया जा रहा है। वदित है कि नये आपराधिक कानूनों में काफी बदलाव किए गए हैं, जैसे भारतीय न्याय संहिता में 190 छोटे-बड़े बदलाव किये गये हैं, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में 360 छोटे-बड़े बदलाव किए गये हैं तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम में 45 छोटे- बड़े बदलाव किये गये हैं। नये कानूनों को समस्त पुलिस अधिकारी/कर्मचारी तक पहुंचने के लिए प्रशिक्षण का रोडमैप तैयार कर पुलिस महानिदेशक के अनुमोदन के बाद कार्यवाही प्रचलित है। लगभग 25000 पुलिस बल का ऑनलाइन तथा ऑफलाइन मोड में प्रशिक्षण प्रस्तावित है। बैठक में सचिव गृह दिलीप जावलकर सहित गृह विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।