मोदी है ना, का तो यही मतलब है कि केंद्र सरकार ने देश को गले तक कर्ज में डुबो दियाः लालचंद
देहरादून ,
महानगर कांग्रेस कमेटी के दून महानगर के पूर्व अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने बीजेपी के मोदी है ना कार्यक्रम को लेकर जोरदार सियासी हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने मोदी है ना कार्यक्रम तो किया, लेकिन उसे देश की जनता के सवालों का भी जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मोदी है ना, का मतलब तो यही आ रहा है कि केंद्र सरकार ने देश को गले तक कर्ज में डुबो दिया है। उन्होंने कहा कि देश पर कुल कर्ज 205 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया है। उन्होंने कहा कि मार्च 2023 में देश पर कुल कर्ज 200 लाख करोड़ रुपए था। इस अवसर पर शर्मा ने कहा कि छह महीने में पांच लाख करोड़ रुपए कर्ज बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इस आधार पर 140 करोड़ की आबादी वाले देश के हर नागरिक पर 1.46 लाख का कर्ज है। इस अवसर पर लालचंद शर्मा ने कहा कि अब अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ ने कहा है कि सरकार इसी रफ्तार से उधार लेती रही तो देश पर जीडीपी का 100 प्रतिशत कर्ज हो सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसा हुआ तो कर्ज चुकाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यानि कि हमारी जीडीपी जितनी होगी, उतना ही विदेशी कर्ज देश पर होगा। उन्होंने कहा कि मोदी है ना, का क्या यह ही मतलब है कि देश की आर्थिक नीति विफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को महिमामंडित करने में कोई कसर नहीं छोड़ती है, लेकिन क्या उसे साल 2014 से पहले के वो वायदे याद हैं, जो जनता से किए गए थे। उन्होंने कहा कि पहला वायदा मोदीजी ने विदेशों में जमा धन वापस लाने का किया था। उन्होंने इसके साथ ही कहा था कि इस पैसे से हर एक नागरिक के खाते में 15 लाख रुपये डाले जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसी तरह नोटबंदी के दौरान भी आतंकवाद की कमर तोड़ने और कालाधन वापस लाने की बात कही गई। यह वायदा भी पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि क्योंकि मोदी है ना। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने साल 2015 में प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत की थी तो देशवासियों से वादा किया गया था कि साल 2022 तक हर भारतीय के सिर पर पक्की छत होगी। उन्होंने कहा कि यह वादा भी अभी तक नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इसी तरह साल 2015 में गुजरात के अहमदाबाद से मुंबई तक के लिए बुलेट ट्रेन चलाने का ऐलान किया गया था। उन्होंने कहा कि सितंबर 2017 में इस परियोजना का शिलान्यास भी किया गया था। बुलेट ट्रेन को लेकर कहा गया था कि साल 2022 तक यह हाई स्पीड रेल शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि मोदी है ना और इसलिए इस वायदे को भी भूल जाओ।