एसएमआई आई बैंक ने चलाया जागरूकता अभियान, नेत्रदान को बताया किसी की अंधेरी दुनिया में उजाले की नई शुरुआत
देहरादून ,
मृत्यु के बाद भी किसी के जीवन में रोशनी बनकर जीवित रहने का संदेश देते हुए श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल एसएमआई आई बैंक, देहरादून की ओर से 41वें नेत्रदान पखवाड़े के अवसर पर विशेष जागरूकता एवं सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को नेत्रदान के प्रति जागरूक करना तथा दिवंगत नेत्रदाताओं और उनके परिवारों के अमूल्य योगदान को सम्मानित करना रहा।
बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में नेत्रदान करने वाले दिवंगत दाताओं के परिजनों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के उन नर्सिंग स्टाफ सदस्यों को भी सम्मानित किया गया, जो अस्पताल में होने वाली मृत्यु की सूचना समय पर आई बैंक तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके सक्रिय सहयोग से संभावित नेत्रदाताओं की पहचान करने और निर्धारित समय सीमा में कॉर्निया संग्रह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
नेत्रदान के महत्व पर दिया जागरूकता संदेश
कार्यक्रम में एसएमआई आई बैंक की निदेशक प्रो. डॉ. तरन्नुम शकील ने नेत्रदान के महत्व पर जागरूकता व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद किया गया नेत्रदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में दोबारा रोशनी लौटाने का माध्यम बन सकता है।
उन्होंने कहा कि समाज में नेत्रदान को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता है। अधिक से अधिक लोगों को इस मानवीय और पुनीत कार्य के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने लोगों से नेत्रदान का संकल्प लेने तथा अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
नेत्रदाताओं का योगदान समाज के लिए प्रेरणादायी
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि नेत्रदान महज एक संकल्प नहीं, बल्कि किसी की अंधेरी दुनिया में उजाले की नई शुरुआत है। नेत्रदाताओं और उनके परिवारों का यह अमूल्य योगदान समाज के लिए प्रेरणादायी है।
कार्यक्रम में इस बात पर भी जोर दिया गया कि व्यापक जन-जागरूकता के माध्यम से नेत्रदान के पुनीत अभियान को और गति दी जा सकती है, ताकि जरूरतमंद लोगों को दृष्टि का उपहार मिल सके।