देहरादून ,
उत्तराखंड के सरकारी डेटा सेंटर पर एक बार फिर साइबर हमले का खतरा मंडराने लगा है। इस बार कथित ‘बहरूपिया वायरस’ के माध्यम से सरकारी सिस्टम में सेंध लगाने की आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर चीन के एक बड़े हैकर समूह की संभावित संलिप्तता की आशंका व्यक्त की जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सूत्रों के अनुसार, इस संभावित साइबर खतरे के मद्देनज़र संबंधित एजेंसियों और तकनीकी विशेषज्ञों को सतर्क कर दिया गया है। सरकारी डेटा सेंटर में आमजन से जुड़े कई महत्वपूर्ण विभागों का संवेदनशील डेटा सुरक्षित रहता है, ऐसे में किसी भी प्रकार की साइबर सेंध की आशंका ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
बताया जा रहा है कि विशेषज्ञ संदिग्ध गतिविधियों की लगातार निगरानी कर रहे हैं और नेटवर्क सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त तकनीकी उपाय किए जा रहे हैं। साथ ही संभावित खतरे की प्रकृति और स्रोत की विस्तृत जांच भी जारी है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी संस्थानों पर बढ़ते साइबर हमलों को देखते हुए नियमित सुरक्षा ऑडिट, समय पर सॉफ्टवेयर अपडेट, मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, डेटा बैकअप और कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है।
हालांकि अभी तक किसी सरकारी विभाग के डेटा से समझौता होने या किसी प्रकार के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।