कारगिल विजय दिवस पर राज्यपाल गुरमीत सिंह ने अमर शहीदों को दी श्रद्धांजलि, वीर नारियों का किया सम्मान

देहरादून ,

कारगिल विजय दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने देहरादून स्थित चीड़बाग शौर्य स्थल पहुंचकर कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने पुष्पचक्र अर्पित कर वीर जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और राष्ट्रभक्ति को नमन किया तथा वीर नारियों का सम्मान करते हुए उनके त्याग और योगदान को अविस्मरणीय बताया।

राज्यपाल ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक सैन्य विजय का प्रतीक नहीं, बल्कि देश के उन अमर वीरों के अद्वितीय साहस, पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान का स्मरण दिवस है, जिन्होंने विषम परिस्थितियों में भी अपने प्राणों की परवाह किए बिना राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा की। उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व और भावनाओं से भरा क्षण है।

उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध में उत्तराखंड के 75 वीर जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जबकि राज्य के सैनिकों को उनके अद्वितीय पराक्रम के लिए 39 वीरता पुरस्कार भी प्राप्त हुए। यह उत्तराखंड की गौरवशाली सैन्य परंपरा और सैनिकों के समर्पण का प्रमाण है।

समारोह में उपस्थित वीर नारियों का सम्मान करते हुए राज्यपाल ने कहा कि जिन वीर जवानों ने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया, उनके परिवारों के प्रति पूरा राष्ट्र सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि देश उनके साथ मजबूती से खड़ा है और उनके सम्मान एवं कल्याण के लिए हरसंभव प्रयास जारी रहेंगे।

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि कारगिल के रणबांकुरों ने पूरे विश्व को यह संदेश दिया कि राष्ट्र की सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि है। दुर्गम पहाड़ों, अत्यधिक ठंड और कठिन परिस्थितियों के बावजूद भारतीय सैनिकों का मनोबल कभी नहीं डगमगाया और उन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुए ऐतिहासिक विजय हासिल की।

उन्होंने वीर नारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे अकेली नहीं हैं, बल्कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है। राज्य और केंद्र सरकार सैनिकों तथा शहीद परिवारों के सम्मान और कल्याण के लिए निरंतर कार्य करती रहेंगी। अंत में राज्यपाल ने सभी अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा, देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *