देहरादून ,
आगामी श्रावण कांवड़ मेला-2026 के सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने बुधवार को पुलिस मुख्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, जीआरपी और एसडीआरएफ के अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया। डीजीपी ने स्पष्ट कहा कि कांवड़ियों की सुरक्षा, सुगम यातायात और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उत्तराखंड पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में डीजीपी ने निर्देश दिए कि संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल, महिला पुलिस, रिजर्व फोर्स तथा एटीएस, एसटीएफ, बम निरोधक दस्ता (BDS) और अभिसूचना इकाइयों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। रैपिड रिस्पॉन्स टीम को 24 घंटे सक्रिय रखने के साथ प्रमुख स्नान घाटों पर एसडीआरएफ और गोताखोरों की तैनाती के भी निर्देश दिए गए।
यातायात व्यवस्था को लेकर डीजीपी ने कांवड़ मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग, वैकल्पिक मार्ग, पार्किंग और डायवर्जन का विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। इस योजना का व्यापक प्रचार उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और अन्य सीमावर्ती राज्यों में भी किया जाएगा। भारी वाहनों के समयबद्ध डायवर्जन, मोबाइल पेट्रोलिंग, अस्थायी पुलिस चौकियों और स्थानीय नागरिकों के लिए वैकल्पिक यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया।
रेलवे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए पूरे कांवड़ मेला क्षेत्र को सुपर जोन, जोन और सेक्टरों में विभाजित कर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज और ट्रेनों में भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था रहेगी।
डीजीपी ने सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों, घाटों और कांवड़ मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से 24×7 निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पार्किंग स्थलों और होल्डिंग एरिया का फायर सेफ्टी ऑडिट कराने तथा पर्याप्त अग्निशमन संसाधन उपलब्ध रखने को भी कहा गया।
सोशल मीडिया और साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए डीजीपी ने कहा कि साइबर कमांडो की विशेष टीम हरिद्वार में कैंप कर सोशल मीडिया और साइबर स्पेस पर चौबीसों घंटे निगरानी रखेगी। किसी भी अफवाह, भ्रामक सूचना या आपत्तिजनक सामग्री पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सीमावर्ती राज्यों के पुलिस विभागों के साथ समन्वय और इंटेलिजेंस साझा करने के निर्देश भी दिए गए।
डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों के लिए आवास, भोजन, पेयजल और विश्राम जैसी सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड पुलिस पूर्ण सतर्कता, समर्पण और सेवा भावना के साथ कार्य करते हुए कांवड़ मेला-2026 का सफल, सुरक्षित और शांतिपूर्ण संचालन सुनिश्चित करेगी।