देहरादून ,
नेशनल प्लास्टिक सर्जरी दिवस (15 जुलाई) के उपलक्ष्य में शनिवार को श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में “स्पेक्ट्रम ऑफ ऑन्को-रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरीज” विषय पर अतिथि व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 100 से अधिक चिकित्सकों ने भाग लेकर कैंसर सर्जरी के बाद पुनर्निर्माण (रिकंस्ट्रक्टिव) की आधुनिक तकनीकों और वैश्विक शोध उपलब्धियों पर चर्चा की।
अस्पताल के सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ विपिन बर्थवाल, उत्कर्ष शर्मा, डॉ. अनिल मलिक, डॉ. संजय साधू, डॉ. किन्नारी ए. व्यास रावत तथा डॉ. भावना प्रभाकर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मुख्य वक्ता डॉ. विपिन बर्थवाल ने अपने व्याख्यान में बताया कि विश्वभर में माइक्रोवैस्कुलर फ्री-फ्लैप सर्जरी, परफोरेटर फ्लैप तकनीक और थ्री-डी सर्जिकल प्लानिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों ने कैंसर रोगियों के पुनर्वास को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि आज प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी का उद्देश्य केवल अंगों का पुनर्निर्माण नहीं, बल्कि मरीजों को बेहतर कार्यक्षमता, आत्मविश्वास और बेहतर जीवन-गुणवत्ता प्रदान करना भी है। उन्होंने कहा कि नवीन शोध और बहुविषयक उपचार पद्धतियां इस क्षेत्र को लगातार समृद्ध कर रही हैं।
डॉ. उत्कर्ष शर्मा ने कहा कि देश-विदेश में प्लास्टिक सर्जरी के क्षेत्र में हो रहे अनुसंधान और नवाचार चिकित्सा विज्ञान के लिए अत्यंत प्रेरणादायक हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. बर्थवाल का व्याख्यान चिकित्सकों को आधुनिक तकनीकों और साक्ष्य-आधारित उपचार पद्धतियों से परिचित कराने का उत्कृष्ट अवसर साबित हुआ।
प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. संजय साधू ने कहा कि इस प्रकार के प्रत्यक्ष संवाद आधारित अकादमिक कार्यक्रम चिकित्सकों को विशेषज्ञों के अनुभवों से सीखने का अवसर प्रदान करते हैं, जिससे उनके व्यावहारिक ज्ञान और कौशल में प्रभावी वृद्धि होती है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. शालिनी जोशी ने किया।