ऋषिकेश / देहरादून ,
All India Institute of Medical Sciences Rishikesh में आयोजित “ट्रांसफोर्मिंग लाइव्स थ्रो एडवांस ट्रॉमा केयर, ऑर्गन डोनेशन एंड नर्सिंग एक्सलेंस” कार्यक्रम में Gurmit Singh ने कहा कि एम्स ऋषिकेश आज आस्था, विश्वास और जीवन रक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि संस्थान ने राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच आसान बनाकर चिकित्सा क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए हैं।
राज्यपाल ने कार्यक्रम में अंगदाताओं के परिजनों को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि चिकित्सक बुझते हुए जीवन में फिर से उम्मीद और प्रकाश भरने का कार्य करते हैं, इसलिए यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि कोई भी व्यक्ति चिकित्सा सुविधा से वंचित न रहे।
ट्रॉमा और हेली मेडिकल सेवाओं की सराहना
राज्यपाल ने एम्स की हेली मेडिकल इमरजेंसी सेवा, ट्रॉमा केयर, टेलिमेडिसिन और ड्रोन मेडिकल सेवा की विशेष सराहना की। उन्होंने ट्रॉमा विभाग को “संकटमोचक विभाग” बताते हुए कहा कि संस्थान की आपातकालीन सेवाएं राज्य के लिए वरदान साबित हो रही हैं।
नर्सिंग पेशा मानव सेवा का सबसे बड़ा माध्यम
कार्यक्रम में राज्यपाल ने नर्सिंग पेशे को सबसे सम्मानित और संवेदनशील सेवा बताया। उन्होंने कहा कि नर्स मरीजों की देखभाल केवल पेशे के रूप में नहीं बल्कि ममत्व और सेवा भावना के साथ करती हैं।
एम्स में सफल हुए कई ट्रांसप्लांट
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए Meenu Singh ने संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एम्स ऋषिकेश में अब तक 23 किडनी ट्रांसप्लांट और एक लीवर ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
कई विशेषज्ञ रहे मौजूद
कार्यक्रम में ट्रॉमा विभागाध्यक्ष प्रो. कमर आजम, ट्रॉमा सर्जन डॉ. मधुर उनियाल, प्रो. बी.के. बस्तिया सहित संस्थान के वरिष्ठ चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। साथ ही महिला आयोग की अध्यक्ष Kusum Kandwal और Shambhu Paswan भी कार्यक्रम में शामिल हुए।