देहरादून ,
देहरादून में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ा रुख अपनाया। मुख्यमंत्री ने बिना तैयारी बैठक में पहुंचने वाले अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और भविष्य में पूरी तैयारी के साथ आने की सख्त चेतावनी दी।
📊 15 जून तक सभी लंबित घोषणाओं पर कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सरकार की घोषणाएं सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।
- सभी लंबित घोषणाओं के शासनादेश 15 जून तक जारी करने के निर्देश
- जिन योजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है, उन पर तुरंत काम शुरू करने को कहा
- प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग अनिवार्य की गई
🔄 विभागों में तालमेल की कमी पर नाराजगी
सीएम ने विभागीय समन्वय की कमी को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि इसी कारण कई विकास कार्य अटक रहे हैं। सभी सचिवों को अपने-अपने विभागों की घोषणाओं की गहन समीक्षा कर तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
🏗️ शिलापट्ट न लगाने पर डीएम होंगे जिम्मेदार
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है, वहां शिलापट्ट लगाना अनिवार्य होगा। इसमें लापरवाही मिलने पर संबंधित जिलाधिकारी जिम्मेदार ठहराए जाएंगे।
📍 जिला स्तर पर ही हो समस्याओं का समाधान
सीएम ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि कई मामले अनावश्यक रूप से शासन स्तर पर लंबित रखे जाते हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि समस्याओं का समाधान उसी स्तर पर किया जाए, जहां वे उत्पन्न होती हैं।
🔍 अल्मोड़ा के चार विधानसभा क्षेत्रों की समीक्षा
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जिले के सल्ट, रानीखेत, सोमेश्वर और जागेश्वर क्षेत्रों की विकास योजनाओं की समीक्षा की।
घोषणाओं की स्थिति:
- सोमेश्वर: 90
- सल्ट: 69
- रानीखेत: 33
- जागेश्वर: 48
इन क्षेत्रों में पेयजल, स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा और पर्यटन से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
👥 वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में रेखा आर्य, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
➡️ मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जनता से किए गए वादों को हर हाल में जमीन पर उतारना ही सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।