देहरादून ,
देहरादून में जीएसटी बकाया से जुड़े एक मामले में जिला प्रशासन ने कथित धोखाधड़ी करने वाले बिल्डर और उसके प्रतिनिधियों के खिलाफ थाना राजपुर में मुकदमा दर्ज कराया है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर की गई।
जीएसटी जमा न करने पर हुई कुर्की
प्रशासन के अनुसार, कैनाल रोड स्थित मैसर्स क्वींसटन रियलिटी प्रोजेक्ट्स एलएलपी पर जीएसटी का बकाया था। कर जमा न होने पर तहसीलदार सदर ने 5 जनवरी 2026 को बिल्डर के दो फ्लैट—नंबर 303 और 403—को कुर्क कर नीलामी प्रक्रिया शुरू की।
नीलामी की सूचना समाचार पत्रों में प्रकाशित की गई और विधिवत प्रक्रिया पूरी कर उच्चतम बोलीदाता के पक्ष में नीलामी स्वीकृत कर दी गई। यह पूरी कार्रवाई फर्म के प्रतिनिधि की उपस्थिति में कराई गई।
2022 में ही हो चुका था फ्लैटों का विक्रय
नीलामी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जांच में सामने आया कि संबंधित फ्लैट 27 मई 2022 को पूजा संजय मिश्रा के पक्ष में पहले ही बेचे जा चुके थे। साथ ही ये फ्लैट बैंक में बंधक भी पाए गए।
आरोप है कि बिल्डर ने यह महत्वपूर्ण तथ्य तहसीलदार और नीलाम अधिकारी से छिपाया, जिससे प्रशासन को गुमराह किया गया। प्रारंभ में अधिकारियों को जानकारी न होने के कारण सभी औपचारिकताएं पूरी कर प्रमाणपत्र संपादित एवं पंजीकृत भी करा दिया गया था, लेकिन दस्तावेजों की बाद की जांच में कथित धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।
इन आरोपियों पर दर्ज हुआ मुकदमा
जिला प्रशासन की तहरीर पर थाना राजपुर में निम्नलिखित आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है—
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कर्मवीर सिंह, निवासी गुरु महिमा साईं बाबा पार्क, वेस्ट मुंबई, महाराष्ट्र
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आशीष राजेंद्र गर्ग, निवासी बांद्रा वेस्ट, मुंबई, महाराष्ट्र
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राजपुरोहित विक्रम सिंह, निवासी पटेल सोसाइटी, गुजरात
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स्थानीय प्रतिनिधि अजय काठबंगला, कैनाल रोड, देहरादून
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।