देहरादून,
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बुधवार को विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक कार्रवाई की। प्राधिकरण ने रामपुर शंकरपुर (सेलाकुई) और ढकरानी (हरबर्टपुर) में 25 बीघा से अधिक भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया, जबकि सेवला कला क्षेत्र में एक अवैध निर्माण को सील कर दिया गया।
रामपुर शंकरपुर में 10 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त
प्राधिकरण को मिली शिकायतों और निरीक्षण के बाद यह पाया गया कि रामपुर शंकरपुर, सेलाकुई में लगभग 10 बीघा भूमि पर बिना मानचित्र स्वीकृति के अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। जावेद, डेविड और अन्य संबंधित व्यक्तियों को पूर्व में नोटिस जारी कर कार्य बंद करने के निर्देश दिए गए थे। आदेशों की अवहेलना पर प्रवर्तन टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से बनाई गई सड़कों, प्लॉटों के सीमांकन और मिट्टी समतलीकरण को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण के अभियंता एवं पुलिस बल मौजूद रहे।
ढकरानी में 10–15 बीघा भूमि पर सख्त कार्रवाई
इसी क्रम में पांवटा रोड स्थित ढकरानी हॉस्पिटल के पीछे, हरबर्टपुर क्षेत्र में लगभग 10 से 15 बीघा भूमि पर की जा रही अनधिकृत प्लॉटिंग को भी ध्वस्त किया गया। निरीक्षण में अवैध मार्ग निर्माण और प्लॉटों के चिन्हांकन की पुष्टि हुई थी। नोटिस के बावजूद गतिविधियां जारी रहने पर संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी अवैध विकास कार्यों को हटाया।
सेवला कला में भवन सील
चन्द्र परिसर, सेवला कला में बिना स्वीकृत मानचित्र के किए जा रहे निर्माण पर संयुक्त सचिव के आदेशानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई। भवन को अग्रिम आदेशों तक बंद कर दिया गया है।
उपाध्यक्ष की अपील: निवेश से पहले करें जांच
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण सुनियोजित और संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अवैध प्लॉटिंग न केवल शहरी व्यवस्था को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि आमजन की गाढ़ी कमाई को भी जोखिम में डालती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी भूखंड को खरीदने से पहले उसकी विधिक स्थिति की जांच अवश्य करें और अवैध कॉलोनियों में निवेश से बचें।
प्रवर्तन अभियान रहेगा जारी
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि अवैध गतिविधियों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी और कार्रवाई का खर्च भी उनसे वसूला जाएगा।
प्राधिकरण ने आमजन से अपील की है कि संपत्ति खरीदने से पूर्व मानचित्र स्वीकृति एवं वैधानिक अनुमति की पुष्टि अवश्य करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।