देहरादून ,
दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के सज्जादे गद्दीनशीन एवं पूजनीय श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के जन्मदिवस (प्रकटोत्सव 10 फरवरी) के पावन अवसर पर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, देहरादून द्वारा आयोजित विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर हजारों जरूरतमंदों के लिए आशा की किरण साबित हुआ। इस सेवा दिवस पर कुल 5304 मरीजों ने सामान्य एवं सुपरस्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का निःशुल्क लाभ उठाया।
शिविर में उत्तराखण्ड के विभिन्न जनपदों के साथ-साथ सहारनपुर, बिजनौर, धामपुर और पोंटा साहिब जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। आर्थिक रूप से कमजोर और असहाय मरीजों के लिए यह शिविर किसी संजीवनी से कम नहीं रहा।
अस्पताल परिसर में आयोजित इस शिविर के अंतर्गत एमआरआई, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे तथा सभी प्रकार की लैब जांचें पूरी तरह निःशुल्क की गईं। विशेष रूप से दो हजार से अधिक मरीजों ने महंगी जांच सुविधाओं का लाभ बिना किसी शुल्क के प्राप्त किया। चिकित्सकीय परामर्श के बाद मरीजों को तीन दिनों की दवाइयां भी निःशुल्क वितरित की गईं।
यह उत्तराखण्ड में अपने प्रकार का पहला ऐसा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर रहा, जिसमें एमआरआई, सीटी स्कैन के साथ-साथ एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसे महंगे परीक्षण और प्रक्रियाएं भी पूर्णतः निःशुल्क संपन्न कराई गईं। शिविर में पंजीकृत मरीजों के ऑपरेशन और अन्य चिकित्सकीय प्रक्रियाएं भी बिना किसी शुल्क के की गईं।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गौरव रतूड़ी ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 10 फरवरी को सेवा दिवस श्रद्धा, सेवा और समर्पण भाव से मनाया गया। सुबह 8 बजे से पंजीकरण प्रारंभ हुआ और 9 बजे से ही मरीजों की भारी भीड़ अस्पताल पहुंचने लगी। दोपहर 3 बजे तक चले इस शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने पूरी निष्ठा के साथ मरीजों की जांच और उपचार किया।
अस्पताल के चेयरमैन पूजनीय श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज का संकल्प है कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक भी उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं बिना भेदभाव के पहुंचें। यही संकल्प इस विशाल शिविर में साकार होता दिखाई दिया।
उपचार प्राप्त कर लौटे मरीजों ने अस्पताल प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल द्वारा आयोजित यह सेवा दिवस मानवता, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व की जीवंत मिसाल बनकर सामने आया।