दून–मसूरी नया हाईवे: सुरंगों से जुड़ेगा ‘क्वीन ऑफ हिल्स’, जाम और खतरनाक मोड़ों से मिलेगी राहत

देहरादून,

मसूरी जाने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। अब घंटों के जाम, खड़ी चढ़ाइयों और बरसात में बंद होने वाले खतरनाक रास्तों से जल्द छुटकारा मिलने वाला है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने देहरादून से मसूरी के बीच 42 किलोमीटर लंबे दो-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण को मंजूरी दे दी है। करीब 3500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना में दो लंबी और आधुनिक सुरंगें शामिल होंगी।

नया हाईवे बनकर तैयार होने के बाद सैलानी सुरंगों के माध्यम से सीधे मसूरी पहुंच सकेंगे। इससे मौजूदा मार्ग की भीड़, तीखे मोड़ और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से राहत मिलेगी। परियोजना के तहत एक सुरंग लगभग 2.9 किमी लंबी जार्ज एवरेस्ट पहाड़ियों के नीचे और दूसरी करीब 2 किमी लंबी मसूरी की पहाड़ियों में बनाई जाएगी। इन सुरंगों से सफर न केवल तेज होगा, बल्कि अधिक सुरक्षित और सुगम भी बनेगा।

भूगर्भीय जांच जारी

परियोजना की संवेदनशीलता को देखते हुए एनएचएआई ने वाडिया इंस्टीट्यूट को भूगर्भीय परीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी है। मिट्टी, पहाड़ों की संरचना और संभावित भूस्खलन क्षेत्रों की वैज्ञानिक जांच की जा रही है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक सौरभ सिंह ने बताया कि हाईवे का एलाइनमेंट स्वीकृत हो चुका है और सर्वे रिपोर्ट के बाद निर्माण की अगली प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

मैदानी राज्यों से आने वालों को बड़ी राहत

दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश से मसूरी आने वाले पर्यटकों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। पीक सीजन में कुठालगेट से मसूरी तक चार–पांच घंटे का जाम आम बात है। नया हाईवे झाझरा से शुरू होकर सुरंगों के माध्यम से सीधे लाइब्रेरी चौक तक पहुंचेगा, जिससे सैलानियों को दून शहर में प्रवेश किए बिना मसूरी पहुंचने का विकल्प मिलेगा।

यह मार्ग दून–दिल्ली एक्सप्रेसवे और आशारोड़ी–झाझरा हाईवे से भी जुड़ेगा, जो देहरादून–पांवटा साहिब फोरलेन एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा। इससे दोनों दिशाओं से आने वाले यात्रियों को शहर के भीतर जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा।

दून शहर को भी मिलेगी जाम से राहत

नए हाईवे के शुरू होने से देहरादून शहर की यातायात व्यवस्था पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। अभी मसूरी जाने वाला अधिकतर ट्रैफिक शहर की भीतरी सड़कों से गुजरता है, जिससे रोजाना जाम की स्थिति बनती है। हाईवे बनने के बाद भारी संख्या में वाहन सीधे मसूरी पहुंचेंगे, जिससे स्थानीय लोगों की आवाजाही आसान होगी।

मानसून में बंद होने की समस्या का स्थायी समाधान

वर्तमान में दून–मसूरी मुख्य मार्ग और किमाड़ी वैकल्पिक मार्ग मानसून के दौरान अक्सर क्षतिग्रस्त होकर बंद हो जाते हैं। नया सुरंग मार्ग इस समस्या का स्थायी समाधान बनेगा और सालभर निर्बाध यातायात सुनिश्चित करेगा।

पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना मसूरी की कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदल देगी और ‘क्वीन ऑफ हिल्स’ तक पहुंच पहले से कहीं अधिक आसान, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगी।

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