माघ पूर्णिमा का महास्नान: हर की पौड़ी पर उमड़ी आस्था की भीड़, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

हरिद्वार ,
धर्म की राजधानी और विश्व विख्यात तीर्थ हर की पौड़ी पर माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। तड़के सुबह 3:00 बजे से ही महास्नान का शुभारंभ हो गया था। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु माँ गंगा की पवित्र धारा में डुबकी लगाने हरिद्वार पहुँचे।

“हर हर गंगे” के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने ब्रह्मकुंड में स्नान कर माँ गंगा का विधिवत पूजन-अर्चन किया। कई श्रद्धालुओं ने हवन किया, ब्रह्मकुंड में चल रही भगवान सत्यनारायण की कथा को श्रद्धाभाव से सुना और ब्राह्मणों को दान–दक्षिणा देकर अपने पुरोहितों को संतुष्ट किया।

शाम तक अनुमानतः 25 से 30 हजार श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। श्रद्धालुओं ने गंगा में खड़े होकर भगवान सूर्य, अपने इष्ट देव और पूर्वजों के नाम से अर्घ्य अर्पित किया तथा परिवार की सुख–शांति, समृद्धि और आरोग्य की कामना की। इस अवसर पर चावल, आटा, गुड़, मिठाई और फल का दान भी किया गया।

आस्था के बीच व्यवस्था पर सवाल

जहां एक ओर हर की पौड़ी पर भक्ति और श्रद्धा की अद्भुत छटा देखने को मिली, वहीं दूसरी ओर व्यवस्थाओं को लेकर असंतोष भी सामने आया। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के अनुपात में सुविधाओं और प्रबंधन की कमी ने कई स्थानों पर अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न कर दी, जिससे तीर्थ की गरिमा पर भी प्रश्नचिह्न लगते नजर आए।

माघ पूर्णिमा का यह महास्नान एक ओर श्रद्धा और आस्था का महापर्व बना, तो दूसरी ओर व्यवस्थागत कमियों ने प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

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