ऋषिकेश / देहरादून ,
दिनांक 31 जनवरी 2026 की रात्रि को कोतवाली ऋषिकेश को सूचना प्राप्त हुई कि शिवाजी नगर, गली नंबर–11 में किराये पर रह रही एक महिला को एक व्यक्ति ने गोली मार दी है। सूचना मिलते ही कोतवाली ऋषिकेश पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची, जहां महिला की मौके पर ही मृत्यु हो चुकी थी। मृतका की पहचान प्रीति रावत के रूप में हुई।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि मृतका एम्स ऋषिकेश में सहायिका के पद पर कार्यरत थी और शिवाजी नगर में अकेले किराये पर रह रही थी। घटना के संबंध में मृतका के पिता बच्चन सिंह रावत द्वारा कोतवाली ऋषिकेश में लिखित तहरीर दी गई, जिसमें उनकी पुत्री की हत्या सुरेश गुप्ता द्वारा गोली मारकर किए जाने का आरोप लगाया गया।
तहरीर के आधार पर कोतवाली ऋषिकेश में मु०अ०सं०–49/26, धारा 103(1) बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए तत्काल अलग–अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया है, जो उसके सभी संभावित ठिकानों पर लगातार दबिशें दे रही हैं।
प्रेम प्रसंग और पारिवारिक विवाद आया सामने
प्रारंभिक विवेचना एवं आसपास के लोगों से पूछताछ में सामने आया कि मृतका प्रीति रावत का कुछ वर्ष पूर्व अपने पति से तलाक हो चुका था। कोरोना काल के दौरान वह अभियुक्त सुरेश गुप्ता के ससुराल पक्ष की ऋषिकेश स्थित दुकान में कार्य करने आई थी, जहां दोनों की जान–पहचान हुई और धीरे–धीरे यह संबंध प्रेम प्रसंग में बदल गया।
जब सुरेश गुप्ता के परिवार को इस संबंध की जानकारी हुई तो उसके और उसकी पत्नी के बीच लगातार विवाद होने लगे। स्थानीय लोगों द्वारा समझौते के प्रयास भी किए गए, लेकिन विवाद समाप्त नहीं हुआ। प्रेम प्रसंग के चलते अभियुक्त ने लगभग चार माह पूर्व आपसी सहमति से अपनी पत्नी को तलाक दे दिया, ताकि वह प्रीति से विवाह कर सके।
संपत्ति विवाद से बढ़ा तनाव
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि विवाह से पूर्व प्रीति व उसके परिजनों द्वारा ऋषिकेश में संपत्ति लेने की बात कही गई थी। इसके चलते अभियुक्त ने अपनी लक्सर (हरिद्वार) स्थित पैतृक संपत्ति लगभग 35 लाख रुपये में बेच दी और ऋषिकेश में मकान तलाशने लगा। हालांकि उक्त राशि में मनचाही संपत्ति न मिलने से अभियुक्त और प्रीति के बीच मनमुटाव बढ़ता गया, जिससे अभियुक्त अवसाद में चला गया।
अवसाद में आकर हत्या की आशंका
प्रथमदृष्टया यह परिलक्षित हो रहा है कि प्रेम प्रसंग, पत्नी से तलाक, पैतृक संपत्ति बेचने के बावजूद ऋषिकेश में मकान न खरीद पाने और बढ़ते मानसिक तनाव के कारण अभियुक्त ने अवसाद में आकर इस वारदात को अंजाम दिया।
फिलहाल पुलिस द्वारा घटना के सभी संभावित पहलुओं पर गहन विवेचना की जा रही है तथा अभियुक्त की गिरफ्तारी के प्रयास लगातार जारी हैं।