‘प्रोजेक्ट नंदा–सुनंदा’ बना सहारा, 26 बेटियों की शिक्षा को जिला प्रशासन देहरादून ने दी नई उड़ान

देहरादून ,
पिता के असमय निधन या गंभीर बीमारी के कारण जिन बेटियों की शिक्षा बीच में रुक गई थी, उनके लिए जिला प्रशासन देहरादून उम्मीद की मजबूत किरण बनकर सामने आया है। जिला प्रशासन की जनसंवेदनशील और महत्वाकांक्षी योजना ‘प्रोजेक्ट नंदा–सुनंदा’ के तहत शुक्रवार को आयोजित 12वें संस्करण में 26 बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी सविन बंसल ने 26 बालिकाओं को कुल 6.93 लाख रुपये की स्कूल एवं कॉलेज फीस के चेक वितरित किए। यह राशि सीधे संबंधित शिक्षण संस्थानों के खातों में स्थानांतरित की गई, जिससे पढ़ाई में किसी भी प्रकार की बाधा न आए।

प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक मिला संबल

आज लाभान्वित बालिकाओं में—

  • 10 बालिकाएं प्राथमिक स्तर,

  • 8 बालिकाएं माध्यमिक स्तर,

  • 8 बालिकाएं उच्च शिक्षा से संबंधित हैं।

अब तक इस योजना के अंतर्गत लगभग 1 करोड़ रुपये की सहायता से 120 बालिकाओं की शिक्षा को दोबारा पटरी पर लाया जा चुका है।

पिता के निधन व आर्थिक संकट से रुकी थी पढ़ाई

कु. जिया (बीफार्मा), अनुष्का प्रजापति (एमए प्रथम वर्ष), हिमिका, आदिका, कनक, वैष्णवी, फलक अली, प्रभुगन कौर, किरत कौर, इशिका सिंह, मदीहा बेग, दिया बडोनी सहित कई बालिकाओं की पढ़ाई पिता के निधन अथवा गंभीर आर्थिक संकट के कारण बाधित हो गई थी।
‘नंदा–सुनंदा’ योजना के माध्यम से इन सभी की फीस संबंधित स्कूल व कॉलेज खातों में जमा कराकर शिक्षा को पुनः गति दी गई।

गंभीर बीमारी और आर्थिक तंगी के बीच शिक्षा को सहारा

कु. सृष्टि (बीसीए 5वां सेमेस्टर), पलक घेयल (एमएससी) और मानसी साहू (जियोलॉजी पीएचडी) जैसी बालिकाएं, जिनके पिता कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं या परिवार अत्यधिक आर्थिक संकट में है, उनकी शिक्षा भी जिला प्रशासन के हस्तक्षेप से सुरक्षित की गई।

“शिक्षा ही सशक्तिकरण का सबसे बड़ा हथियार” – जिलाधिकारी

जिलाधिकारी सविन बंसल ने बालिकाओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा,
“शिक्षा ही वह सबसे सशक्त माध्यम है, जिससे सशक्तिकरण और सफलता के रास्ते निकलते हैं। जिला प्रशासन और राज्य सरकार हर जरूरतमंद बेटी के साथ मजबूती से खड़ी है।”

उन्होंने बताया कि इस योजना को प्रदेश स्तरीय नीति में शामिल किए जाने का प्रस्ताव भी किया जाएगा, ताकि उत्तराखंड की प्रत्येक जरूरतमंद बालिका को शिक्षा का संबल मिल सके।

प्रशासनिक अधिकारियों ने भी बढ़ाया हौसला

निदेशक जनगणना एवं ईवा आशीष श्रीवास्तव ने जिला प्रशासन देहरादून के कार्य को “लिजेंडरी स्तर” का बताया।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि लाभान्वित बालिकाओं की शिक्षा का नियमित फॉलो-अप लिया जाता है और प्रशासन निरंतर उनके साथ खड़ा है।

बालिकाओं ने जताया आभार

सभी लाभान्वित बालिकाओं ने माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन और भविष्य में समाज सेवा का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में उपस्थित रहे

इस अवसर पर—

  • निदेशक जनगणना एवं ईवा आशीष श्रीवास्तव

  • मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह

  • जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास) जितेंद्र कुमार

  • सीडीपीओ

  • बालिकाओं की माताएं एवं परिजन
    उपस्थित रहे।

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