देहरादून ,
दिनांक 20 जनवरी 2026 को एक मार्मिक मामले में जिला प्रशासन ने बेटों द्वारा प्रताड़ित एक लाचार विधवा मां के लिए ढाल बनकर न्याय दिलाया। बंजारावाला क्षेत्र निवासी विधवा महिला विजय लक्ष्मी पंवार ने हिम्मत जुटाकर प्रशासन से शिकायत की कि उसके ही बेटे नशे की हालत में उसके साथ मारपीट करते हैं, पैसे मांगते हैं और जान से मारने की धमकी देते हैं। हर रात उसे अपनी जान का डर सताता था।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने मामले की गोपनीय जांच कराई। पड़ोसियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बयानों से मां की पीड़ा की पुष्टि हुई। इसके बाद प्रशासन ने दोनों बेटों के खिलाफ गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की। सख्त कानूनी कार्रवाई के चलते बेटों को पहली बार अपनी मां के प्रति जिम्मेदारी और कर्तव्यों का अहसास हुआ।
मामला न्यायालय पहुंचने पर दोनों बेटों ने अपनी मां से माफी मांगते हुए शपथ पत्र दिया कि वे नशा छोड़ेंगे, भविष्य में किसी प्रकार की हिंसा नहीं करेंगे और मां के साथ दुर्व्यवहार नहीं करेंगे। कानून का भय और मां की चुप पीड़ा दोनों ने मिलकर बेटों को झकझोर दिया।
जिला प्रशासन की सख्त चेतावनी और कानूनी शिकंजे के बाद बेटों के व्यवहार में सुधार को देखते हुए न्यायालय ने आगे की कार्रवाई समाप्त कर दी। इस कार्रवाई से न केवल विधवा मां को राहत मिली, बल्कि समाज में एक मजबूत संदेश भी गया।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महिलाओं, विधवाओं और निर्बल वर्ग के उत्पीड़न पर जिला प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है। भविष्य में इस प्रकार की किसी भी घटना की पुनरावृत्ति होने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।