देहरादून ,
उत्तराखंड में अवैध हथियारों और फर्जी शस्त्र लाइसेंस के खिलाफ चल रहे सघन अभियान के तहत एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने एक अंतरराज्यीय फर्जी शस्त्र लाइसेंस गिरोह के सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार करते हुए अवैध सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, जिंदा कारतूस और फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किया है। इस कार्रवाई से उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड तक फैले नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड दीपम सेठ के निर्देशों पर गैंगस्टर और अवैध हथियारों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गठित एसटीएफ टीम ने गुरुवार देर रात देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत केहरी गांव से मनोज पुत्र भोपाल सिंह को गिरफ्तार किया।
एसटीएफ के अनुसार आरोपी के कब्जे से एक अवैध .30 बोर सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस और एक फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद हुआ है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने फर्जी तरीके से तैयार कराए गए शस्त्र लाइसेंस को विभिन्न जिलों की शस्त्र पंजिकाओं में दर्ज कराया था।
जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित शस्त्र लाइसेंस कभी जारी ही नहीं किया गया था, इसके बावजूद उसे मेरठ और देहरादून जैसे जिलों की शस्त्र पंजिकाओं में स्थानांतरित दर्शाया गया।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में उत्तराखंड में बाहरी राज्यों से लाकर फर्जी शस्त्र लाइसेंस दर्ज कराने के कई मामले सामने आए हैं। आरोपी से पूछताछ में अन्य जिलों एवं राज्यों में दर्ज फर्जी लाइसेंसों और इस नेटवर्क से जुड़े व्यक्तियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी धोखाधड़ी, बलवा और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। अन्य राज्यों से भी उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है।