देहरादून ,
मुख्यमंत्री घोषणा संख्या 311/2025 के तहत मंगलवार को स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्वास्थ्य विभाग की व्यापक समीक्षा बैठक ली। बैठक में टिहरी जनपद के सुरसिंहधार स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज को पीजी कॉलेज के रूप में विकसित किए जाने से संबंधित सभी बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
समयबद्ध क्रियान्वयन सर्वोच्च प्राथमिकता
स्वास्थ्य सचिव ने अधिकारियों से अब तक की प्रगति, उपलब्ध अवसंरचना, वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृतियों की स्थिति और निरीक्षण रिपोर्ट के निष्कर्षों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने निर्देशित किया कि नर्सिंग शिक्षा को मजबूत करने और पहाड़ी जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
शासन ने जारी की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृतियाँ
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि घोषणा संख्या 311/2025 के अनुपालन में शासन ने 14 अगस्त 2026 को इस प्रस्ताव के लिए वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृतियाँ जारी कर दी हैं। सुरसिंहधार नर्सिंग कॉलेज को औपचारिक रूप से पीजी कॉलेज का दर्जा प्रदान किया जा चुका है।
इसके लिए 12 नवंबर 2025 को एक निरीक्षण समिति का गठन किया गया था, जिसे कॉलेज का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे।
निरीक्षण में कॉलेज मिला मानकों के अनुरूप
निरीक्षण समिति ने 14 नवंबर 2025 को परिसर का स्थलीय निरीक्षण कर व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में पाया गया कि—
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परिसर में पर्याप्त भवन, कक्षाएँ, प्रयोगशालाएँ और पुस्तकालय मौजूद हैं
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एमएससी नर्सिंग के लिए आवश्यक अतिरिक्त कक्षाएँ भी उपलब्ध
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100 बेड वाले जिला चिकित्सालय बौराड़ी और 50 बेड वाले सीएचसी नरेंद्रनगर क्लीनिकल पोस्टिंग के लिए उपलब्ध
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कुल उपलब्ध क्षेत्रफल 71,900.33 वर्गफुट, जिसमें
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शैक्षणिक क्षेत्र: 32,452.97 वर्गफुट
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हॉस्टल क्षेत्र: 39,447.36 वर्गफुट
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समिति ने अवसंरचना को पीजी कॉलेज संचालन के पूर्णतः उपयुक्त पाया, जिसके बाद कॉलेज को पीजी मान्यता प्रदान की गई।
एमएससी नर्सिंग की 15 सीटों की संस्तुति
निरीक्षण के आधार पर समिति ने संस्थान में एमएससी नर्सिंग कार्यक्रम शुरू करने के लिए 15 सीटों की संस्तुति की है।
स्नातकोत्तर नर्सिंग शिक्षा से न केवल उच्च स्तरीय नर्सिंग जनशक्ति तैयार होगी, बल्कि पहाड़ी जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को भी महत्वपूर्ण मजबूती मिलेगी।
स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि यह कदम टिहरी क्षेत्र में विशेषज्ञ स्वास्थ्य मानव संसाधन विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि साबित होगा।
बैठक में डॉ. एके आर्य, निदेशक चिकित्सा शिक्षा, डॉ. रविंद्र सिंह बिष्ट, अपर निदेशक, मनीषा ध्यानी, रजिस्ट्रार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।